नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्ष ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 अगस्त से ‘वोट अधिकार यात्रा’ शुरू करेंगे। इस यात्रा में उनके साथ बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव भी रहेंगे। यात्रा की शुरुआत सासाराम से होगी और यह 15 दिन तक चलेगी। कुल 21 जिलों से गुजरने के बाद 31 अगस्त को आरा में इसका समापन होगा। इसके बाद 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली होगी।
क्यों हो रही है ‘वोट अधिकार यात्रा’
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा रहा है। साथ ही फर्ज़ी मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा रहा है, महागठबंधन का कहना है कि यह कदम सत्तारूढ़ NDA को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है। कांग्रेस, RJD, VIP और वामपंथी दल इसे ‘वोटबंदी’ और ‘दिनदहाड़े वोटों की डकैती’ करार दे रहे हैं।
कौन-कौन होंगे साथ?
इस यात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के अलावा VIP प्रमुख मुकेश साहनी वामपंथी दलों के नेता महागठबंधन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सभी नेता मंच साझा कर सार्वजनिक सभाओं में जनता को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का स्वरूप भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तरह हाइब्रिड मोड में होगा।
यात्रा का पूरा रूट
17 अगस्त को सासाराम से शुरुआत होगी फिर, औरंगाबाद, गया, वज़ीरगंज, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर , भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण और फिर 31 अगस्त को आरा में समापन किया जाएगा। तो वहीं 1 सितंबर पटना में बड़ी चुनाव रैली की जाएगी। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में प्रस्तावित हैं। SIR को लेकर शुरू हुई यह ‘वोट अधिकार यात्रा’ आने वाले दिनों में चुनावी माहौल को और गरमा सकती है।





