नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ने वाली है। प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज हुआ है। नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने उनके खिलाफ यह मानहानि का मामल दर्ज कराया है। अशोक चौधरी यहीं नहीं रूके उन्होने यहां तक कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
JDU मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, “प्रशांत किशोर को हमने लीगल नोटिस भेजा था। लीगल नोटिस पर उनका जवाब आया, लेकिन जवाब में ऐसा प्रतीत नहीं हुआ कि वे अपनी गलती मानें है। उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं था… तो मेरे लिए जो संविधान के तहत अधिकार है उसके अलावा कोई उपाय नहीं था तो हमने मानहानि का केस दर्ज कराया है।”
‘दलित की बेटी सांसद है तो पच नही रहा…’
इस मुद्दे पर अशोक चौधरी ने कहा कि आप (प्रशांत किशोर) तो राजनीतिक पार्टियों के व्यापारी हैं। राजनीतिक पार्टियों के काम के लिए सिर्फ पैसा कमाते है। हम लोग तो स्वच्छ और शुद्ध राजनीति करते हैं। हमारी 25 साल की बेटी जो सांसद है तो इनको पच नहीं रहा है कि कम उम्र में दलित की बेटी पढ़-लिखकर सांसद हो गई, तो आप राजनीत में कुछ भी बोलकर जा नहीं सकते।
सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेगे केस
प्रशांत किशोर पर तीखा हमला करते हुए मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा कि, “आप प्रमाणित करिए कि हमने चिराग पासवान को पैसा दिया है, लोजपा को पैसा दिया है और टिकट लिया है, नहीं तो माफी मांगिए। सुप्रीम कोर्ट तक केस लड़ेंगे।”
बता दें कि, प्रशांत किशोर ने कुछ दिनों पहले एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अशोक चौधरी को लेकर एक टिप्प्णी की थी। उस दौरान उन्होने कहा था कि, उनका (अशोक चौधरी) राजनीतिक चरित्र क्या है, यह सबको पता है। उन्होंने टिकट खरीदकर अपनी बेटी (शांभवी चौधरी) को सांसद बनवाया। इसी बयान पर अब अशोक चौधरी ने पीके के खिलाफ मानहानि का केस किया है।




