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Monday, March 2, 2026
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राहुल-तेजस्वी की यात्रा पर सियासी संग्राम, प्रियंका-रेवंत को NDA ने घेरा, अब स्टालिन पर उठ सकते हैं सवाल

बिहार में निकाली जा रही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर एनडीए ने जमकर हमला बोला है। यात्रा में प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी शामिल होने पर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ लगातार सियासी सुर्खियों में बनी हुई है। इस यात्रा के बहाने जहां इंडिया ब्लॉक विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में जुटा है, वहीं एनडीए भी इस रणनीति को चुनौती देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है और विपक्ष के दिग्गज नेता इससे जुड़ रहे हैं, राजनीतिक तापमान भी चढ़ता जा रहा है। 

मंगलवार को इस यात्रा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी शामिल हुए। इसके बाद बीजेपी से लेकर जेडीयू तक के नेताओं ने दोनों को आड़े हाथों लिया। एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता बिहार की जनता का अपमान कर रहे हैं और बाहर से नेताओं को लाकर यहां की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, अब यात्रा के 11वें दिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके नेता कनिमोझी इसमें शामिल हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एनडीए अब स्टालिन को भी अपने निशाने पर लेगा? खासकर तब जब दक्षिण भारत के नेताओं की उपस्थिति को एनडीए ‘बाहरी हस्तक्षेप’ की तरह प्रचारित करने की कोशिश कर रहा है। 

प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी यात्रा में हुए शामिल 

बिहार के सुपौल में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान मंगलवार को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए। मंच से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दोनों नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी हमारे बीच मौजूद हैं, बिहार की धरती पर उनका स्वागत है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का भी अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के जरिए विपक्ष का कुनबा लगातार बढ़ रहा है और सभी दल एकजुट होकर जनता के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।

सुपौल से गरजीं प्रियंका गांधी

इस मौके पर प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार अब जनता का भरोसा खो चुकी है। देशभर में वोट चोरी की साजिशें रची जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “2024 के चुनाव में पीएम मोदी ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार आई तो ये लोग मंगलसूत्र और भैंस चुरा लेंगे। लेकिन भैंस तो छोड़िए, इन्होंने आपके वोट ही चुरा लिए।” प्रियंका ने लोगों को आगाह किया कि अगर वोट करने का अधिकार उनसे छिन गया, तो राशन कार्ड से लेकर हर योजना का लाभ भी उनसे छिन जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वोट की ताकत को बचाएं और लोकतंत्र की रक्षा करें।

प्रियंका-रेवंत की मौजूदगी पर एनडीए का हमला 

यात्रा में प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी की भागीदारी पर एनडीए ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ने इन नेताओं के बिहार आगमन पर सवाल उठाए हैं और विपक्षी गठबंधन पर बिहार के आत्मसम्मान से समझौता करने का आरोप लगाया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने रेवंत रेड्डी के पुराने “डीएनए” वाले बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी ने बिहार के लोगों को अपमानित किया था और अब वही नेता आरजेडी के कंधे पर चढ़कर बिहार घूम रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पंजाब में जब बिहार और यूपी के लोगों का मजाक उड़ाया गया, तब प्रियंका गांधी मंच पर ताली बजा रही थीं। सम्राट चौधरी ने कहा, “बिहार जानना चाहता है कि लालू परिवार की ऐसी क्या मजबूरी है कि वे ऐसे लोगों को अपने साथ लेकर चल रहे हैं, जिन्होंने बार-बार बिहार का अपमान किया है। क्या उन्होंने बिहार के आत्मसम्मान को गिरवी रख दिया है?”

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी रेवंत रेड्डी के “डीएनए” वाले बयान की कड़ी आलोचना की और कहा कि बिहार के डीएनए में सम्राट अशोक, भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी की विरासत है। उन्होंने कहा, “बिहार की धरती से ही महात्मा गांधी को सत्याग्रह की प्रेरणा मिली थी, और यहीं से वे महात्मा बने। ऐसे में बिहार पर टिप्पणी करने से पहले उसके गौरवशाली इतिहास को जानना चाहिए।”

“सत्ता के लालच में लालू परिवार ने बिहार के सम्मान के साथ किया समझौता” – उमेश सिंह 

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बिहार और यूपी के मजदूरों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, तब प्रियंका गांधी मंच पर मौजूद थीं और उन्होंने ताली बजाकर उस बयान का समर्थन किया। कुशवाहा ने कहा, “यह कांग्रेस की असली मानसिकता को दिखाता है। सत्ता के लालच में लालू परिवार ने बिहार के सम्मान के साथ समझौता कर लिया है, लेकिन जनता इसका जवाब जरूर देगी।” 

स्टालिन की मौजूदगी पर भी उठ सकते हैं सवाल?

जिस तरह एनडीए ने रेवंत रेड्डी के पुराने बयान को लेकर कांग्रेस और आरजेडी को घेरा है, उसी तरह एमके स्टालिन के ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल होने पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। बुधवार को एमके स्टालिन ने मुजफ्फरपुर में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ मंच साझा किया। वे बीजेपी पर हमला बोलते और सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाते नजर आएंगे, लेकिन साथ ही उनके पुराने बयान विशेषकर सनातन और हिंदू धर्म विरोधी टिप्पणियों को एनडीए फिर से मुद्दा बना सकता है।

सितंबर 2023 में उदयनिधि स्टालिन ‘सनातन उन्मूलन सम्मेलन’ में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने सनातन धर्म को सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए इसके उन्मूलन की बात कही थी। इस बयान पर काफी राजनीतिक विवाद हुआ था और उत्तर भारत की राजनीति में हलचल मच गई थी, जिसके बाद उन्हें बयान वापस लेना पड़ा था। इसके अलावा हिंदी विरोध भी स्टालिन की राजनीति का हिस्सा रहा है। ऐसे में राहुल गांधी के साथ उनकी मौजूदगी विपक्ष के लिए सियासी मुद्दा बन सकती है।

राहुल-तेजस्वी की जोड़ी पर विपक्षी नेताओं का भरोसा

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल पहले ही कह चुके हैं कि ‘वोटर अधिकार यात्रा’ अब वोट चोरी के खिलाफ एक ऐतिहासिक आंदोलन बन चुकी है। उनका दावा था कि यह यात्रा न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश के लोगों का ध्यान खींच रही है और इसमें इंडिया ब्लॉक के सभी प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। इसके बाद से विपक्षी नेताओं के आने का सिलसिला तेज हो गया है।

सबसे पहले कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार बिहार पहुंचे और यात्रा में शामिल हुए। फिर प्रियंका गांधी और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने इसमें शिरकत की। रेवंत रेड्डी वापस लौट चुके हैं, लेकिन प्रियंका गांधी बुधवार को भी यात्रा के साथ बनी रहेंगी। इसी दौरान एमके स्टालिन के भी मंच साझा करने की पुष्टि हो चुकी है। आगे कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल होने की भी तैयारी है।

वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से फिलहाल कार्यक्रम तय नहीं हुआ है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि वे भी इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि राहुल और तेजस्वी की ये यात्रा बिहार में जनसमर्थन हासिल कर रही है, जिससे बीजेपी और जेडीयू बौखलाए हुए हैं। इसी हताशा में वे भ्रम फैलाने वाले बयान दे रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता अब सब समझ चुकी है।

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