नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण (Voter List Revision) मामले पर घमासान मचा हुआ है। बिहार विधानसभा से देश की संसद से यह मुद्दा गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार ओर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे है। लगातार विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से बहस और जवाब चाहता है। इस बीच, RJD नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के बीच चुनाव बहिष्कार की धमकी दी है।
बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बवाल जारी है। इस पर RJD नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार की धमकी दे दी है। इस पर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। गुरुवार (24 जुलाई, 2025) को दिल्ली में पप्पू यादव ने बातचीत में बड़ी बात कह दी।
हमें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है – पप्पू यादव
सांसद पप्पू यादव ने RJD नेता तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार वाले बयान पर कहा कि “यदि उन्होंने ये बात कही है तो उन्हें स्वतंत्र बात करनी ही चाहिए। लेकिन हमारा विश्वास सुप्रीम कोर्ट के साथ है और हमारा विश्वास इस सदन के साथ है।
‘फिर सत्ता पक्ष अकेले सदन चलाएगा’
हमारे इस संघर्ष के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकलता है तो हम अंतिम फैसला लेने के लिए बाध्य होगे। और इन मुद्दों के समाधान में जब सारे रास्ते बंद हो जाएंगे तब तेजस्वी जी ने जो कहा है वह अंतिम प्रक्रिया है उससे पहले हम सब लोग मिलकर दोनों सदनों से इस्तीफा देकर और सत्ता पक्ष को अकेले सदन चलाने दें।”
हमारे पास कोई विकल्प नहीं रहेगा-मनोज झा
इस पूरे मसले पर विपक्ष के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसमें से RJD सांसद मनोज झा ने कहा, भारत के चुनाव आयोग का रवैया ठीक नहीं है। अगर भारत का निर्वाचन आयेाग बांग्लादेश के इलेक्शन कमीशन जैसा होगा तो राजनीतिक दलों और जनता के पास कोई ऑप्शन नहीं बचेगा। वो एक भी विदेशी वोटर का नाम बता दें। अगर वो बिहारियों को बेदखल करनी की योजना बना रहे हैं तो आग से खेल रहे हैं।





