नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने वाले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जन्माष्टमी के अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए राज्य में उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने वाले निजी उद्यमियों को सरकार विशेष आर्थिक पैकेज देगी, जिससे न सिर्फ रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के जरिए उद्योग लगाने वालों के लिए किये जाने वाले आकर्षक प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत पूंजी अनुदान, ब्याज में छूट और जीएसटी में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को दोगुना किया जाएगा, ताकि निवेशकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
बिहार में उद्योग लगाने वालों को मिलेगी मुफ्त जमीन
राज्य सरकार की योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग स्थापित करने में आ रही जमीन से जुड़ी बाधाओं को भी दूर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी जिलों में उद्योगों के लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह है कि जो उद्यमी अधिक लोगों को रोजगार देंगे, उन्हें जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, जमीन आवंटन से संबंधित विवादों का शीघ्र समाधान किया जाएगा, ताकि उद्यमी बिना किसी रुकावट के अपने उद्योग शुरू कर सकें।
पांच साल में एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सात निश्चय-2’ योजना के तहत राज्य सरकार अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा चुकी है। अब सरकार ने इससे दो कदम आगे बढ़ते हुए नया लक्ष्य तय किया है। आने वाले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार से जोड़ने का मिशन शुरू किया गया है। इसके लिए उद्योग स्थापित करने वालों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी और स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं को भी हर जरूरी संसाधन और सहयोग मुहैया कराया जाएगा।
उद्योग नीति पर जल्द आएगी विस्तृत अधिसूचना
राज्य सरकार की नई नीति का मकसद बिहार में औद्योगिक विकास को गति देना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े और वे अपने ही राज्य में आत्मनिर्भर बन सकें। इस दिशा में सरकार एक विस्तृत अधिसूचना जल्द जारी करने जा रही है, जिसमें उद्योग लगाने वालों को मिलने वाली सुविधाएं, नियम और शर्तें स्पष्ट रूप से बताई जाएंगी।




