back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर, 10वीं बार ली सीएम पद की शपथ, जानें पहली हार से जीत के प्रण तक का सफर

नीतीश कुमार ने चार दशक की राजनीति में कई उतार–चढ़ाव और गठबंधन बदलावों के बीच रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने का मुकाम हासिल किया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में चार दशक का लंबा करियर रखने वाले और अपनी रणनीतिक चालों के लिए पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। उन्होनें इस बार 2025 के विधानसभा चुनावों में उनके नेतृत्व में NDA गठबंधन ने 200 के आंकड़े को पार किया है। नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति के अजेय खिलाड़ी बनकर 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, जिन्होंने संघर्ष, रणनीति और गठबंधनों के खेल में लगातार अपनी पकड़ बनाए रखी। आज जानेगें उनके सुशासन मॉडल ने कैसे कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और विकास के दम पर बिहार की तस्वीर पूरी तरह बदल दी और उन्हें सुशासन बाबू की उपाधि दिलाई।

 राजनीति की शुरुआत और अहम मोड़

पहली हार 1977- हरनौत सीट से चुनाव लड़ा, हार का सामना करना पड़ा।

दूसरी हार 1980- हरनौत सीट से फिर चुनाव लड़ा और हार गए।

राजनीति छोड़ने का प्रण-1980- उन्होंने प्रण लिया था कि अगर 1985 में चुनाव हार गए तो राजनीति छोड़ देंगे।

पहली जीत-1985- नालंदा जिले की हरनौत सीट से विधायक बने।

राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री-1989 बाढ़ लोकसभा सीट जीती।

केंद्रीय मंत्री-1990-वीपी सिंह सरकार में केंद्रीय कृषि और सहकारिता राज्य मंत्री बने।

समता पार्टी का गठन-1994लालू प्रसाद यादव से अलग होकर जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर समता पार्टी का गठन किया।

बीजेपी से गठबंधन-1996- समता पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन में आई।

जदयू का गठन-2004- समता पार्टी का विलय कर जनता दल यूनाइटेड (JDU) का गठन किया।

मुख्यमंत्री के रूप में मुख्य कार्यकाल

नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री का सफर राजनीतिक उठापटक से भरा रहा है। 

2000: पहली बार मात्र 7 दिन के लिए बिहार के मुख्यमंत्री बने।

2005 (दूसरा): 24 नवंबर 2005 को दोबारा मुख्यमंत्री बने और अपना कार्यकाल पूरा किया।

2013: बीजेपी से 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ा और 11 मंत्रियों को हटाया।

2014: लोकसभा चुनावों में जदयू के खराब प्रदर्शन के चलते पद से इस्तीफा दिया।

2015 (चौथा): महागठबंधन का हिस्सा बनकर शपथ ली।

2015 (पाँचवाँ): 20 नवंबर 2015 को पाँचवी बार मुख्यमंत्री बने।

2017 (छठा): जुलाई 2017 में महागठबंधन से नाता तोड़कर इस्तीफा दिया और उसी दिन NDA में शामिल होकर छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

2020 (सातवाँ): NDA गठबंधन में सातवीं बार मुख्यमंत्री बने।

2022 (आठवाँ): 9 अगस्त 2022 को बीजेपी से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए और आठवीं बार मुख्यमंत्री बने।

2024 (नौवाँ): 28 जनवरी 2024 को महागठबंधन से नाता तोड़कर फिर से NDA में शामिल हुए और नौवीं बार मुख्यमंत्री बने।

2025 (दसवाँ): हाल ही में NDA की जीत के बाद वह 10वीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।

 पृष्ठभूमि और शिक्षा

जन्म: 1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर, पटना, बिहार में 

पिता: कविराज राम लखन सिंह (स्वतंत्रता सेनानी और आर्युवैदिक वैद्य)।

शिक्षा: 1972 में पटना के बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

पारिवारिक जीवन: 22 फरवरी 1973 को मंजू कुमारी सिन्हा से विवाह किया। उनके पुत्र का नाम निशांत कुमार है।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर जेपी आंदोलन में शामिल होकर की थी।

नीतीश कुमार के 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से बिहार में कई महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव आए हैं, जिसके कारण उन्हें अक्सर सुशासन बाबू की उपाधि दी जाती है।नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने ‘जंगलराज’ की छवि को पीछे छोड़कर विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया है।

1. प्रशासनिक और कानून व्यवस्था में सुधार

जंगलराज से मुक्ति, 2005 के बाद नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी। उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई, जिससे संगठित अपराधों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित हुआ।अदालतों के समन्वय से तेज-ट्रैक (Speedy Trial) अदालतों की शुरुआत की गई, जिसके परिणामस्वरूप कई अपराधियों को जल्द सजा मिली। उन्होंने शासन को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखकर समाधान यात्रा, प्रगति यात्रा जैसी यात्राओं के माध्यम से गांव-गांव और गली-गली तक पहुँचाया।

2. महिला सशक्तीकरण और सामाजिक बदलाव

नीतीश कुमार की सबसे बड़ी सफलता महिलाओं को राजनीति और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में रही है, जिससे उन्होंने एक नया ‘महिला मतदाता वर्ग’ बनाया। 

पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित किया गया। सरकारी नौकरियों में आरक्षण: राज्य की सभी सेवाओं में महिलाओं के लिए 35% पद आरक्षित किए गए। शराबबंदी (सामाजिक सुरक्षा): 2016 में राज्य में शराबबंदी (Alcohol Ban) लागू की गई, जिसे खासकर महिलाओं ने बड़ा समर्थन दिया।

मुख्यमंत्री साइकिल योजना (2006): लड़कियों को हाई स्कूल जाने के लिए साइकिल खरीदने हेतु आर्थिक सहायता दी गई। इस योजना ने स्कूलों में छात्राओं की उपस्थिति और नामांकन दर में जबरदस्त वृद्धि की।बालिकाओं (और बाद में बालकों) के लिए मुफ्त पोशाक और किताब की योजना शुरू की गई।

3. शिक्षा और आधारभूत संरचना में विकास

शिक्षा बजट में भारी वृद्धि की गई, जिससे यह राज्य के सभी क्षेत्रों में सबसे अधिक प्राथमिकता वाला क्षेत्र बन गया। स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की संख्या 2005 में 12% से घटकर 2020 तक लगभग 1.72% हो गई। सड़कों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया। 2005 से पहले बिहार में सड़कों की स्थिति बेहद खराब थी, जिसमें उनके कार्यकाल में बड़ा सुधार आया।गांवों और घरों तक बिजली पहुँचाने पर जोर दिया गया, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिला।

4. राजनीतिक बदलाव

नीतीश कुमार की नीतियों (जैसे साइकिल योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन) में जाति या धर्म के बजाय वर्ग और आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी गई। इससे बिहार की राजनीति में दशकों से हावी जातिगत राजनीति की जगह विकास और वर्ग आधारित राजनीति का महत्व बढ़ता दिखा है।

2005 के बाद उन्होंने लालू प्रसाद यादव के वर्षों पुराने राजनीतिक प्रभुत्व को चुनौती दी और राज्य में एक स्थिर प्रशासन स्थापित किया। बता दे कि, नीतीश कुमार का सुशासन मॉडल कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित रहा, जिसने बिहार के सामाजिक-राजनीतिक ढांचे को निर्णायक रूप से बदल दिया है।

Advertisementspot_img

Also Read:

सदन में शराब की डिलीवरी वाले बयान से बिहार में सियासी भूचाल, RJD विधायक पर JDU-BJP का करारा हमला

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। आरजेडी विधायक सुनील सिंह के उस बयान ने...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...