नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल अब पूरी तरह गर्म है। चुनाव से पहले सभी गठबंधनों के लिए सबसे बड़ा सवाल सीट बंटवारा है। इसी बीच NDA के घटक दल और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी दबाव की राजनीति नहीं करती, बल्कि सहमति से आगे बढ़ती है।
मांझी बोले- प्रेशर पॉलिटिक्स हमारी आदत नहीं
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए मांझी ने कहा,“प्रेशर पॉलिटिक्स करने वाले दूसरे लोग हैं, हम लोग ऐसा नहीं करते। NDA एक परिवार है, जहां हर किसी की बात सुनी जाती है। अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा। माना जा रहा है कि यह बयान उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से चिराग पासवान को लेकर दिया है, जो अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं।
8 सीटों पर बनी सहमति
मांझी ने कहा कि NDA में 8 सीटों को लेकर सहमति बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी को 8 सीटें मिलती हैं, तो वे सभी पर जीत दर्ज करेंगे। 2020 के चुनाव में HAM को 7 सीटें मिली थीं, जिनमें से 4 पर जीत मिली थी। HAM अभी राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पार्टी नहीं है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, किसी पार्टी को मान्यता पाने के लिए कम से कम 6 सीटें जीतनी ज़रूरी होती हैं। मांझी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता यही है कि उनकी पार्टी को मान्यता मिल सके।
NDA की बैठक में होगा अंतिम फैसला
सूत्रों के अनुसार, NDA की औपचारिक बैठक आने वाले दिनों में होने वाली है। इसमें बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), HAM और अन्य दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय होगा। कयास हैं कि बीजेपी और जेडीयू को लगभग बराबर (100-102) सीटें मिलेंगी, जबकि छोटे दलों के लिए करीब 40 सीटें छोड़ी जाएंगी। मांझी ने NDA के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गठबंधन को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “NDA 2020 की तरह इस बार भी मजबूत रहेगा। हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। मांझी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चुनावी तैयारियों में पूरी ताक़त से जुट जाएं। उन्होंने कहा कि NDA की जीत सभी सहयोगियों की साझा जीत होगी। जीतन राम मांझी ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी NDA में तालमेल और सहमति से ही आगे बढ़ेगी। उनका लक्ष्य है कि उनकी पार्टी को मान्यता मिले और गठबंधन की जीत में बड़ा योगदान दे सके।





