नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के आखिरी दिन भी सियासी घमासान जारी रहा। शुक्रवार को विपक्ष की ओर से विधान परिषद के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन हुआ। इस विरोध की अगुवाई खुद RJD की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने की। उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया कि उनके बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जान को खतरा है।
तेजस्वी को चार बार मारने की कोशिश हुई- राबड़ी देवी
राबड़ी देवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को जान से मारने की चार बार कोशिश हो चुकी है। उन्होंने बिना किसी संकोच के आरोप लगाया कि यह साजिश बीजेपी और जेडीयू की ओर से की जा रही है। उनके शब्दों में, “जेडीयू और बीजेपी को छोड़कर और कौन साजिश करेगा? ये लोग संस्कारहीन हैं, नाली के कीड़े हैं। पिछले पांच दिनों से विपक्ष मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन कर रहा है। आरोप है कि बड़ी संख्या में गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। राबड़ी देवी ने कहा कि ये लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सदन में इस पर जवाब देने की मांग की।
काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन
विपक्षी विधायकों ने काले कपड़े पहनकर विरोध जताया। राबड़ी देवी के नेतृत्व में सभी सदस्यों ने विधान परिषद के बाहर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर जनता की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
CM बनेंगे या नहीं, फैसला जनता करेगी- राबड़ी देवी
नीतीश कुमार के फिर से मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा, “इस बार वे आएंगे या नहीं, इसका फैसला जनता करेगी। उन्होंने फिर से दोहराया कि तेजस्वी यादव की जान को गंभीर खतरा है और उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सत्ताधारी दलों की होगी। राबड़ी देवी के आरोपों पर बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “आरजेडी खुद अपराधों की संस्कृति वाली पार्टी है। कोई तेजस्वी यादव को मारने की कोशिश नहीं कर रहा। ये सब चुनाव से पहले डर फैलाने और सहानुभूति लेने की रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी को हार का डर सता रहा है, इसलिए इस तरह के बेसिर-पैर के बयान दिए जा रहे हैं।





