नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार में कुछ हफ्तों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों की घोषणा नहीं की है। लेकिन आयोग ने चुनाव से पहले नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है, जो मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा नियमों से संबंधित है।
चुनाव आयोग बिहार में एक नए प्रयोग की शुरुआत कर रहा है। इसके तहत ईवीएम और बैलेट पेपर में अब उम्मीदवारों की रंगीन फोटो होगी, जबकि इससे पहले फोटो ब्लैक एंड व्हाइट होती थी। इसका मकसद मतदाताओं के लिए पहचान आसान बनाना और चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाना है।
चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि अब ईवीएम के बैलेट पर उम्मीदवारों की फोटो रंगीन छापी जाएंगी। इस प्रयोग को पहले बिहार में लागू किया जाएगा और इसके सफल होने के बाद इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा।
मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर
इन नए बदलाव के तहत, उम्मीदवार का चेहरा बैलेट पेपर पर तीन-चौथाई हिस्से को घेरेगा, जिससे मतदाता आसानी से पहचान कर सकेंगे। इसके अलावा, क्रम संख्या को भी पहले से अधिक प्रमुखता दी जाएगी। यह पहल चुनाव की पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
इस बदलावा को जल्द ही पूरे देश में लागू किया जाएगा
बिहार से शुरू हो रहे ये नए बदलाव चुनाव प्रक्रिया को और अधिक लोकतांत्रिक, पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। योजना है कि इसे जल्द ही पूरे भारत में लागू किया जाए, जिससे देशभर में चुनावों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता दोनों बढ़ें।
लोकतंत्र जड़ों को मजबूत करने की दिशा में कदम
चुनाव आयोग की यह पहल लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करते हुए मतदान को और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में अहम साबित होगी। इसके लिए चुनाव आयोग ने साल के अंत में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस नई प्रक्रिया की शुरुआत करने जा रही है।
क्या होती है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन?
EVM एक ऐसी मशीन है जिससे चुनाव में वोट डाले जाते हैं। इसमें मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए सिर्फ एक बटन दबाता है, और वोट सीधे मशीन में रिकॉर्ड हो जाता है। पूरे भारत में सभी सीटों पर EVM का पहला इस्तेमाल 2004 के लोकसभा चुनाव में हुआ था। तब से आज भारत में लोकसभा, विधानसभा और नगरीय निकाय के चुनावों में ईवीएम मशीन को इस्तेमाल किया जा रहा है।





