नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से पहले राबड़ी देवी के प्रचार अभियान के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अपने बेटे तेजस्वी यादव के समर्थन में राघोपुर पहुंची राबड़ी देवी को जनता के गुस्से और नाराजगी का सामना करना पड़ा।
आप लोग राघोपुर को सौतेला बेटा मानते हैं
राघोपुर के पहाड़पुर इलाके में जब राबड़ी देवी जनता से मिलने पहुंचीं, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनका काफिला रोक लिया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा,“आप लोग राघोपुर को सौतेला बेटा मानते हैं। तेजस्वी जी कभी यहां नहीं आते। बाढ़ में मदद के लिए भी नहीं पहुंचे थे। राबड़ी देवी ने मुस्कुराते हुए जवाब देने की कोशिश की और कहा, “राघोपुर बिहार का सबसे प्यारा विधानसभा क्षेत्र है। लेकिन बुजुर्ग का गुस्सा कम नहीं हुआ। उन्होंने दो टूक कहा, “तेजस्वी जी बाढ़ में नहीं, सिर्फ चुनाव में घूमते हैं।
राबड़ी देवी ने मुस्कान के साथ झेला विरोध
राबड़ी देवी ने स्थिति को समझदारी से संभालने की कोशिश की। उन्होंने शांत भाव से बातें सुनीं, हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और आगे बढ़ गईं। हालांकि, उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने माहौल को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जनता की नाराजगी साफ झलक रही थी।
लालू परिवार के गढ़ में बढ़ती नाराजगी
राघोपुर विधानसभा सीट लंबे समय से लालू परिवार का परंपरागत गढ़ रही है। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं। तेजस्वी यादव 2015 से इसी सीट से लगातार जीतते आए हैं। लेकिन इस बार राघोपुर में जनता के तेवर कुछ अलग दिख रहे हैं। लोग विकास, बाढ़ नियंत्रण और रोजगार जैसे मुद्दों पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लालू परिवार के गढ़ में जनता का मूड बदल रहा है। जहां पहले भावनाओं का असर दिखता था, वहीं अब लोग जवाब और काम की मांग कर रहे हैं। राघोपुर की यह घटना इस बात का संकेत है कि इस बार का चुनाव महागठबंधन के लिए आसान नहीं होगा।





