नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की नीतीश कुमार सरकार में नए मंत्री बने उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने पंचायती राज विभाग का पदभार संभाल लिया। पदभार संभालते ही उनका पहला दिन विवादों से घिर गया।
“अब आप लोग चैंबर से बाहर जाइए… मेरा टाइम बर्बाद मत कीजिए”
मंत्रालय पहुंचने पर स्वागत के बाद जैसे ही पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछने शुरू किए, दीपक प्रकाश नाराज़ हो गए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा,पहले ही दिन मीडिया से ऐसा व्यवहार करने पर विपक्ष और सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बिना चुनाव लड़े मंत्री बने दीपक को शांत और सरल व्यवहार अपनाना चाहिए।
बिना चुनाव लड़े मंत्री बने
दीपक प्रकाश पहली बार मंत्री बने हैं। युवा चेहरे के तौर पर उनसे उम्मीद की जा रही थी कि उनका संवाद बेहतर होगा, लेकिन इस विवाद ने उनके शुरुआती कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जनता से जुड़कर काम करना उनके लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
अशोक चौधरी को मिली ग्रामीण कार्य विभाग की कमान
इसी बीच, बिहार सरकार में फेरबदल के बाद अशोक चौधरी ने ग्रामीण कार्य विभाग का कार्यभार संभाल लिया। विभाग के अफसरों ने उनका स्वागत किया। पद संभालने के बाद उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं अब और तेजी से आगे बढ़ेंगी। गांवों की सड़कें, पुल और बाकी योजनाएं तेज़ी से पूरी होंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास रुकेगा नहीं।
गठबंधन में सबकुछ ठीक- अशोक चौधरी
गृह विभाग मुख्यमंत्री से हटकर सम्राट चौधरी को दिए जाने पर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा,“गठबंधन में कोई खटपट नहीं है। नीतीश कुमार ने सोच-समझकर जिम्मेदारियां दी हैं। पंचायती राज विभाग जैसे बड़े जिम्मेदारी वाले विभाग में दीपक प्रकाश को अब अपनी कार्यशैली से यह साबित करना होगा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरे उतर सकते हैं। पहला विवाद उनके लिए एक बड़ा सबक और चुनौति दोनों बन गया है।





