नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद अब मतगणना की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। आगामी 14 नवंबर को राज्य भर के 46 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी। इसके लिए सभी जिलों में प्रशासन और पुलिस ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने मंगलवार को बताया कि, सभी मतगणना केंद्रों और उनसे जुड़े स्ट्रॉन्ग रूम में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा के पहले घेर में जिला पुलिस, दूसरे में केंद्रीय अर्धसैनिक बल और तीसरे में विशेष निगरानी टीमों को तैनात किया गया है।
सीसीटीवी से 24 घंटे निगरानी, बैकअप ग्रिड भी तैयार
सीईओ गुंजियाल ने बताया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। सभी कैमरों की लाइव फीड संबंधित जिलों के नियंत्रण कक्षों और राज्य मुख्यालय में देखी जा रही है। किसी तकनीकी खामी से बचने के लिए सभी केंद्रों पर एक अतिरिक्त बैकअप ग्रिड भी बनाया गया है।
दो दिन पूर्व मुख्यालय से भेजी गई टीमों ने सभी स्ट्रॉन्ग रूम की भौतिक जांच की थी। जांच के दौरान पाया गया कि एक केंद्र पर डिस्प्ले तार हिल जाने से मेन कंट्रोल रूम में निगरानी में बाधा आई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है। संबंधित सीसीटीवी फुटेज उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी दिखाए जा चुके हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
मतगणना केंद्रों पर उम्मीदवारों को मिलेगी मौजूदगी की अनुमति
मतगणना केंद्रों पर सभी उम्मीदवारों और उनके अधिकृत गणना अभिकर्ताओं को मौजूद रहने की अनुमति दी गई है। सीईओ ने बताया कि तय समय पर सभी ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर मतगणना हॉल तक पहुंचाई जाएंगी। इस दौरान सुरक्षा मानकों और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन होगा। प्रत्येक जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीएम) को मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवधानरहित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दो चरणों में कुल 35 शिकायतें, सभी का तत्काल निपटारा
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में मतदान के दौरान कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से पांच शिकायतें पहले चरण में और 30 शिकायतें दूसरे चरण में दर्ज की गईं। आयोग ने बताया कि सभी शिकायतों का तत्काल निपटारा कर दिया गया। राज्य स्तर पर मुख्य नियंत्रण कक्ष के अलावा जिला नियंत्रण कक्ष और निर्वाची पदाधिकारियों के कार्यालयों में भी शिकायत निवारण केंद्र बनाए गए थे, जिनके माध्यम से त्वरित कार्रवाई की गई।
1050 मतगणना कर्मियों को प्रशिक्षण
डीएम के अनुसार, मतगणना कार्य को व्यवस्थित और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 1050 कर्मियों और पदाधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण दो चरणों में कराया जा रहा है पहला चरण 10 नवंबर को और दूसरा चरण 13 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।
एसईओ अनिल कुमार पटेल की देखरेख में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह मास्टर ट्रेनरों की टीम ने मतगणना कर्मियों को सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
सुरक्षा और पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
राज्य प्रशासन ने साफ किया है कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां सभी संवेदनशील केंद्रों पर तैनात की जाएंगी।
सीईओ गुंजियाल ने कहा, चुनाव आयोग की प्राथमिकता मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। हर चरण की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि जनता का विश्वास कायम रहे।





