नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों का तेवर तेज़ दिखा। शुक्रवार 7 नवंबर को पूर्वी चंपारण में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस और राजद (RJD) पर जमकर हमला बोला और कहा कि पुराने खानदानी दल फिर से सत्ता में आकर लोगों को लूटने की फिराक में हैं।
इतिहास और गौरव का किया ज़िक्र
सीएम योगी ने सभा में बिहार के गौरव और सांस्कृतिक इतिहास का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार ने नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय दिए हैं और यह धरती ज्ञान की है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने लोकतंत्र पर हमला किया तब बिहार के लोगों ने जेपी के नेतृत्व में उठकर उसे हराया था।
1990-2005 का आरोप: ’60 से ज्यादा नरसंहार, 30 हजार से ज्यादा अपहरण’
सभा में योगी ने आरजेडी शासन 1990-2005 के दौरान हिंसा और अपराध के आरोप दोहराए। उनका कहना था कि उस दौर में 60 से अधिक नरसंहार और 30,000 से ज्यादा अपहरण हुए थे। सीएम ने सवाल उठाया कि वे जो आज लालटेन लेकर घूम रहे हैं, वो असल में डकैती का साधन हैं इन लालटेन वालों ने कभी लोगों का तेल और ज़मीन भी लूटा है, और समाज में अंधेरा फैलाय
राम-समर्थन और मंदिर का मुद्दा, विरोधियों पर निशाना
योगी ने कांग्रेस और आरजेडी पर सनातन धर्म और प्रभु राम के विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और सीएम नीतीश के नेतृत्व में बिहार में माँ जानकी सीतामढ़ी का भव्य मंदिर बन रहा है और यह उसी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन जनता को नौकरी नहीं देगा बल्कि उनकी जमीन भी ले जाएगा।
गठबंधन को नकारने की अपील
सीएम ने रैली में कहा कि बिहार आज NDA के शासन में विकास की गति पकड़े हुए है और जनता को कांग्रेस-राजद के गठबंधन को नकारना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में माफियाओं के खिलाफ उनकी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है और बिहार में भी उसी तरह अपराधियों को रोकना ज़रूरी है। सीएम योगी का बयान स्पष्ट रूप से वोटरों को भय और असुरक्षा के पुराने किस्से याद कराकर विपक्षी गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने का प्रयास है। चुनावी रैलियों में भरे हुए जोश और तीखे शब्द इस बात का संकेत हैं कि राजनीतिक धारा केंद्रित कर चुनावी जमीन जीती जा रही है।




