back to top
26.1 C
New Delhi
Thursday, March 26, 2026

Shortcode Working ✅

[pincode_search_ui]
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बिहार में चिराग पासवान की ’33 सीटों’ वाली चाल, किंगमेकर बनने की नई रणनीति, सामने है RJD की चुनौती

बिहार चुनाव में चिराग पासवान किंगमेकर बनने की कोशिश में हैं। चिराग का यह सपना सूबे की 33 विधानसभा सीटों पर टिका है, जहां सामने आरजेडी और महागठबंधन होंगे।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । बिहार में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है और सत्ता पक्ष राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपनी रणनीति को धार दे रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग, महिला आयोग और अन्य बोर्डों के पुनर्गठन के जरिए कई राजनीतिक चेहरों को एडजस्ट कर लिया है। माना जा रहा है कि यह कदम टिकट वितरण से उपजी संभावित नाराजगी और अंदरूनी बगावत को काबू में रखने की एक सोची-समझी कोशिश है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है। उन्होंने पूरे 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है और साथ ही कम से कम 70 सीटों पर दावा भी ठोक दिया है। यह रुख एनडीए के भीतर बेचैनी बढ़ाने वाला है।

अब सवाल यह उठता है कि चिराग पासवान की यह आक्रामक रणनीति किसके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है? यह स्पष्ट तो नहीं है, लेकिन उनका लक्ष्य जरूर साफ नजर आ रहा है 2020 के चुनाव में बनी ‘वोटकटवा’ की छवि को तोड़ना और अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान के दौर वाला ‘किंगमेकर’ का तमगा फिर से हासिल करना। इसी रणनीति में एक अहम भूमिका निभा रही हैं वे 33 सीटें, जिनका जिक्र इन दिनों राजनीतिक गलियारों में खूब हो रहा है। माना जा रहा है कि चिराग इन्हीं सीटों के दम पर किंगमेकर बनने का ख्वाब देख रहे हैं। सवाल ये है कि आखिर ये 33 सीटें हैं कौन-सी और क्या वाकई इनकी बदौलत चिराग राज्य की सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले सकते हैं? 

33 सीटों के सहारे किंगमेकर बनना चाहते हैं चिराग पासवान?

बिहार की सियासत में एक बार फिर चिराग पासवान बड़ी भूमिका निभाने का सपना देख रहे हैं। उनकी पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राज्य की 33 विधानसभा सीटों के सहारे सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखने की रणनीति पर काम कर रही है। यही 33 सीटें चिराग की राजनीतिक सौदेबाज़ी की असली ताक़त मानी जा रही हैं और इन्हीं के दम पर वह गठबंधन में अपनी शर्तें मनवाने की कोशिश कर रहे हैं।

इन सीटों का महत्व यूं ही नहीं है। 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ा था और खासतौर पर जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे थे। भले ही उनकी पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली, लेकिन इन 33 सीटों पर एलजेपी (रामविलास) ने जेडीयू को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया। आंकड़े बताते हैं कि 28 सीटों पर एलजेपी उम्मीदवारों को मिले वोट जेडीयू की हार के अंतर से अधिक थे। 5 सीटों पर एलजेपी ने जेडीयू उम्मीदवारों को तीसरे स्थान पर धकेल दिया था। इस रणनीति ने जेडीयू की स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया। 

2020 के नतीजों में जेडीयू सिर्फ 43 सीटें जीत सकी और तीसरे स्थान पर खिसक गई। यह उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन था। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह गिरावट काफी हद तक एलजेपी की वजह से ही हुई। इन 33 सीटों में रोहतास जिले की दिनारा से लेकर भागलपुर तक की सीटें शामिल हैं, जहां एलजेपी के उम्मीदवारों ने जेडीयू को सीधी चुनौती दी थी। अब चिराग पासवान इन्हीं सीटों को अपनी राजनीतिक बिसात का केंद्र बना रहे हैं। 

इस बार चिराग पासवान के सामने होगा महागठबंधन

बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए सीधे तौर पर चिराग पासवान की पार्टी को जिम्मेदार ठहराया था। जेडीयू के एक हिस्से ने इसे बीजेपी की रणनीति का हिस्सा बताया था, और यह भी माना गया कि नीतीश कुमार का एनडीए छोड़कर महागठबंधन से हाथ मिलाना इसी कारण हुआ। लेकिन आने वाले चुनाव में स्थिति पहले जैसी नहीं रहने वाली है। अगर चिराग पासवान फिर से अकेले चुनावी मैदान में उतरते हैं और इन्हीं सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं, तो इस बार उनका सीधा मुकाबला आरजेडी और उसके नेतृत्व वाले महागठबंधन से होगा। इस बदली हुई तस्वीर को कुछ पुराने चुनावी नतीजों से भी समझा जा सकता है।  

दिनारा (रोहतास ज़िला) : साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से आरजेडी के विजय मंडल ने जीत दर्ज की थी। वे 8,228 वोटों के अंतर से विजयी हुए थे। वहीं चिराग की पार्टी के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को 51,313 वोट मिले थे और वे दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि जेडीयू के जय कुमार सिंह 27,252 वोट लेकर तीसरे नंबर पर रहे।

भागलपुर सीट : इस सीट पर कांग्रेस के अजीत शर्मा ने केवल 1,113 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की थी। अजीत शर्मा को 65,502 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के रोहित पांडे 64,389 वोट लेकर बहुत करीब पहुंचे थे। एलजेपी उम्मीदवार राजेश वर्मा ने 20,523 वोट पाकर तीसरा स्थान हासिल किया।

इन आंकड़ों से साफ है कि एलजेपी ने भले ही बहुत सी सीटें न जीती हों, लेकिन कई जगहों पर वोट काटकर चुनावी समीकरणों को बदल दिया था। अगर चिराग दोबारा इन्हीं सीटों पर आक्रामक रणनीति अपनाते हैं, तो इस बार उनकी सीधी टक्कर महागठबंधन से होगी।

क्या है चिराग पासवान का सीट शेयरिंग प्लान?

चिराग पासवान ने गठबंधन में अपनी पार्टी के लिए करीब 70 सीटों की मांग रखी है। हालांकि माना जा रहा है कि उनका वास्तविक लक्ष्य लगभग 40 सीटों पर समझौता करना है। ऐसा भी कहा जा रहा है कि यदि उन्हें 35 सीटें मिलती हैं, तो वे समझौते के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन अगर बातचीत 33 सीटों से नीचे गई, तो कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

फिलहाल, बिहार एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर जो संभावित फॉर्मूला चर्चा में है, उसके अनुसार चिराग की पार्टी को 28 से 30 सीटें दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस फॉर्मूले में बीजेपी और जेडीयू, दोनों के लिए 102-102 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव है। बाकी बची 39 सीटों में चिराग पासवान के साथ-साथ जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को समायोजित करने की योजना पर विचार हो रहा है।

Advertisementspot_img

Also Read:

बिहार में नीतीश सरकार का नया नियम: सुबह सस्ती तो.. रात में महंगी होगी बिजली, जानिए किस पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Nitish Kumar सरकार ने नया नियम लागू करने का...
spot_img

Latest Stories

सोमेश्वर नाम का मतलब-Someshwar Name Meaning

सोमेश्वर नाम का मतलब – Someshwar Name Meaning: Lord...

Ananya Panday की ‘कॉल मी बे’ रही हिट, अब सीजन 2 में जानिए क्या होगा खास

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अनन्या पांडे (Ananya Panday) की...

Professor of Practice: बिना Ph.D और NET के बन सकते हैं प्रोफेसर, बस ये शर्तें करनी होंगी पूरी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव...

सृष्टि के निर्माता हैं भगवान ब्रह्मा, जानें उनके मंदिर, भक्त और शक्ति के बारे में

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदू शास्त्रों में भगवान ब्रह्म...

Ramnavmi Holiday: रामनवमी को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, 26 और 27 मार्च को रहेगी छुट्टी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनवमी के...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵