नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह राज्य की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बसपा नेता रामजी गौतम ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
अकेले लड़ेगी चुनाव, बनेगी तीसरी ताकत
रामजी गौतम ने कहा कि पार्टी इस बार पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है और खुद को राज्य में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेगी। उनका मानना है कि बसपा के आने से एनडीए और महागठबंधन दोनों की राह कठिन हो जाएगी। इस चुनाव में बसपा मायावती के भतीजे आकाश आनंद को आगे करके युवा नेतृत्व की छवि दिखाना चाहती है। आकाश आनंद ने पटना में रोड शो कर अपनी मौजूदगी का एहसास भी कराया। भीड़ और उत्साह को देखकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश दिखा।
कमजोर जनाधार को फिर से सक्रिय करने की कोशिश
हाल के वर्षों में बिहार में बसपा का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 2000 में पार्टी ने 5 सीटें जीती थीं, 2005 में 2 सीटें मिलीं, और 2009 के उपचुनाव में एक सीट। लेकिन उसके बाद से पार्टी विधानसभा में अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा पाई। अब बसपा नए सिरे से अपने जनाधार को मजबूत करने में जुट गई है।
दलित-युवा वोट बैंक पर नजर
बसपा का ध्यान खासकर यूपी से सटे जिलों जैसे गोपालगंज, चंपारण और शाहाबाद क्षेत्र पर है, जहां दलित और पिछड़ा वर्ग की संख्या अधिक है। इसके अलावा, बिहार की लगभग 58% आबादी 25 साल से कम उम्र की है, जिसे लुभाने के लिए बसपा युवा चेहरा आकाश आनंद को आगे बढ़ा रही है। दलित समाज को जोड़ने के लिए बसपा ने हाल ही में पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में साहू जी महाराज की जयंती पर बड़ा सम्मेलन आयोजित किया। इसमें बिहार भर से पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस कदम को बसपा की “सोशल इंजीनियरिंग” रणनीति के तहत देखा जा रहा है। बसपा के इस ऐलान से बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। भले ही बसपा का परंपरागत जनाधार सीमित हो, लेकिन यदि आकाश आनंद युवा वोटरों को लुभाने में कामयाब रहे, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।





