नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच समस्तीपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव में हजारों VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई मिलीं। 6 नवंबर को इस सीट पर मतदान हुआ था और अब वोटिंग के दो दिन बाद इतनी बड़ी मात्रा में पर्चियां मिलने से चुनाव आयोग और प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी
जैसे ही घटना की जानकारी प्रशासन को मिली, डीएम रोशन कुशवाहा और एसपी अरविंद प्रताप सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी पर्चियों को इकट्ठा करवाया और कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। डीएम ने बताया कि यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा, “पर्चियों पर मतदान केंद्र की पहचान कर दोषियों को चिन्हित किया जाएगा और इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
क्यों उठ रहे हैं सवाल?
स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदान खत्म होने के बाद सभी VVPAT पर्चियों को चुनाव आयोग की निगरानी में सुरक्षित रखा जाता है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में पर्चियां कूड़े में कैसे पहुंचीं? लोगों का कहना है कि यह या तो चुनाव कर्मियों की बड़ी लापरवाही है या फिर नियमों की अनदेखी।
जांच के बाद साफ होगी सच्चाई
प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि ये पर्चियां मतदान के दौरान उपयोग हुई थीं या टेस्टिंग के समय निकलीं। डीएम ने कहा कि “जांच के बाद ही यह साफ होगा कि ये पर्चियां किनकी हैं और इन्हें फेंकने के लिए कौन जिम्मेदार है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब हर वीवीपैट पर्ची का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है, तब कूड़े में हजारों पर्चियां मिलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है। फिलहाल प्रशासन ने पर्चियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि जो भी कर्मचारी या अधिकारी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना ने चुनावी माहौल में सुरक्षा और पारदर्शिता पर नया विवाद खड़ा कर दिया है।




