नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के Axis My India एग्जिट पोल में वोट शेयर (NDA: 43%, महागठबंधन: 41%) में कड़ी टक्कर के बावजूद, आयु और जातीय समूहों में मतदाताओं का झुकाव स्पष्ट रूप से विभाजित दिखा है। तेजस्वी यादव युवा मतदाताओं के चहेते बनकर उभरे हैं, जबकि NDA को वरिष्ठ नागरिकों और प्रमुख जाति समूहों का भारी समर्थन मिला है।
1. आयुवर्ग का समीकरण: युवा Vs वरिष्ठ
महागठबंधन ने फर्स्ट टाइम वोटर्स और युवा मतदाताओं में निर्णायक बढ़त हासिल की है, लेकिन यह बढ़त बढ़ती उम्र के साथ एनडीए के पक्ष में चली गई है।
आयु वर्ग महागठबंधन (तेजस्वी) एनडीए
फर्स्ट टाइम वोटर्स 46% 37%
20 से 29 साल 44% 37%
30 से 39 साल 42% 43% (कांटे की टक्कर)
70 से अधिक 35% 51% (NDA का सबसे बड़ा अंतर)
2. जातिगत आधार: NDA की बड़ी सफलता
जाति और धर्म आधारित वोट शेयर में एनडीए ने लगभग सभी प्रमुख समुदायों में स्पष्ट बढ़त हासिल की है, जिससे उसकी जीत की संभावना मजबूत हुई है।
ओबीसी (OBC) और सवर्ण (Upper Caste) में NDA का दबदबा:
एनडीए को इन दो सबसे प्रभावशाली समूहों में सबसे मजबूत समर्थन मिला है
एनडीए को 65% वोट मिले, जो किसी भी समूह में उसका सबसे बड़ा समर्थन है। महागठबंधन को सिर्फ 14% वोट मिले।ओबीसी मतदाताओं के 63% ने एनडीए के पक्ष में मतदान किया, जबकि महागठबंधन को सिर्फ 19% वोट मिले।यह दिखाता है कि ओबीसी समूह ने बड़े पैमाने पर एनडीए के पक्ष में गोलबंदी की है, जबकि सवर्ण मतदाताओं ने लगभग एकतरफा एनडीए का समर्थन किया।
ईबीसी और एससी में भी NDA आगे:
ईबीसी (EBC) वोट: एनडीए को 58% (महागठबंधन 26%) समर्थन मिला।
एससी (SC) वोट: एनडीए को 49% (महागठबंधन 29%) समर्थन मिला।
एग्जिट पोल के आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि, तेजस्वी यादव युवाओं के लिए बदलाव का चेहरा बने हैं।वरिष्ठ और मध्यम आयु वर्ग के साथ-साथ प्रमुख जातीय समूहों (OBC, सवर्ण, EBC, SC) ने NDA के नेतृत्व में अपना विश्वास बनाए रखा है।





