नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता सीएम आवास पहुंचे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इन सभी ने पहले पार्टी कार्यालय में चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए बायोडेटा जमा कराया था, जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कॉल कर सीएम आवास बुलाया गया।
नीतीश कुमार ने एक-एक कर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनसे चुनाव में दावेदारी को लेकर बातचीत की। मुलाकात के बाद बाहर निकले कई नेताओं ने बताया कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति और पार्टी के लिए अपने योगदान की जानकारी दी है। साथ ही, उन्होंने कहा कि वर्षों से वे पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं और अब उम्मीद है कि उन्हें टिकट मिलेगा।
वहीं, कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी की पारदर्शिता और आंतरिक लोकतंत्र की मिसाल बताया। उनका कहना था कि यह किसी भी पार्टी में कम देखने को मिलता है कि खुद मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमीनी स्तर के नेताओं से सीधे संवाद करें और फीडबैक लें। ऐसे में माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब तेज हो चुकी हैं और टिकट को लेकर घोषणा से पहले ही अंदरखाने कवायद शुरू हो चुकी है।
कार्यकर्ता बोले- जमीनी नेताओं और महिलाओं को मिले टिकट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव को लेकर अपने सुझाव रखे। एक कार्यकर्ता ने कहा कि हमने आग्रह किया कि टिकट उन्हीं नेताओं को मिले जो जमीनी स्तर पर जनता के बीच सक्रिय हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। जेडीयू के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कैमरे के सामने न सिर्फ अपना नाम बताया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि वे किस सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने अपना बायोडेटा भी मीडिया को दिखाया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के हरनौत से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे।
इस दौरान एक महिला कार्यकर्ता ने महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी अहम बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार की 48% महिला वोटर नीतीश कुमार के साथ हैं, क्योंकि उनकी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून से लेकर महिला रोजगार योजना तक, नीतीश सरकार ने महिलाओं को अभूतपूर्व सम्मान और अधिकार दिए हैं। पंचायत, नगर निकाय, उच्च शिक्षा संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलना इसका प्रमाण है।
उन्होंने यह भी बताया कि जीविका समूहों के माध्यम से अब तक 1.40 करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इसलिए, उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आगामी चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। इस पूरी मुलाकात को लेकर माना जा रहा है कि जेडीयू आगामी चुनाव में जमीनी स्तर के चेहरों को तरजीह देने की दिशा में आगे बढ़ेगी।





