नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को करारा झटका लगा है। मोहनिया सीट से पार्टी की प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। लगातार नामांकन रद्द होने से चुनावी समीकरण बदलते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि तकनीकी खामियों के चलते उनका पर्चा खारिज हुआ।
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को लगातार झटके लग रहे हैं। मंगलवार को VIP पार्टी के सुगौली से उम्मीदवार शशिभूषण सिंह का नामांकन रद्द हो गया। इससे पहले मढ़ौरा से एलजेपी (आर) की सीमा सिंह और अब मोहनिया से RJD की श्वेता सुमन का पर्चा खारिज हो चुका है। अब तक तीन उम्मीदवार चुनावी दौड़ से बाहर हो चुके हैं, जिससे गठबंधन की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
श्वेता सुमन ने BJP पर लगाया आरोप
मोहनियां सीट से नामांकन रद्द होने के बाद आरजेडी प्रत्याशी श्वेता सुमन ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनका नामांकन जानबूझकर रद्द कराया गया है। श्वेता ने दावा किया, “बीजेपी उम्मीदवार ने भी जाति प्रमाणपत्र लगाया था, फिर भी उसका पर्चा स्वीकार हो गया और मेरा खारिज कर दिया गया। बीजेपी और उसके उम्मीदवार को मुझसे और आरजेडी से डर है।”
नामांकन रद्द पर भड़कीं श्वेता सुमन, बोलीं- RJD से डर गई है बीजेपी
मोहनियां से नामांकन रद्द होने के बाद RJD प्रत्याशी श्वेता सुमन ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “बीजेपी को RJD की सरकार आने से डर है, इसलिए अन्याय कर रही है। जब एक उम्मीदवार को लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं दिया जा रहा, तो सोचिए सरकार बनते ही ये लोग क्या करेंगे। बिहार का नाश तय है।”
मोहनिया सीट से RJD उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द होने के पीछे बीजेपी की आपत्ति को अहम माना जा रहा है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि श्वेता बिहार की मूल निवासी नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के चंदौली की रहने वाली हैं। पार्टी का तर्क था कि आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का बिहार का मूल निवासी होना जरूरी है। आयोग ने जांच के बाद नामांकन खारिज कर दिया।
श्वेता ने कहा- 20 साल से बिहार में रह रही हूं
मोहनिया से RJD उम्मीदवार श्वेता सुमन ने नामांकन रद्द होने पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मैं यूपी की हूं और आरोप लगाया गया कि मेरा जाति प्रमाणपत्र यूपी का नहीं है, इसलिए मुझे बिहार की मूल निवासी नहीं माना गया। जबकि मैं पिछले 20 साल से यहीं रह रही हूं।” सुमन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताते हुए लोकतंत्र के खिलाफ करार दिया।
बीजेपी की शिकायत पर आयोग ने की पड़ताल
चुनाव आयोग ने बीजेपी की शिकायत पर आरजेडी प्रत्याशी श्वेता सुमन के दस्तावेज जांचे। पाया गया कि 2020 में श्वेता ने मोहनिया से नामांकन में अपना पता यूपी के चंदौली का दिया था। इस बार उन्होंने बिहार का पता दिया, लेकिन आयोग ने इसे पर्याप्त नहीं माना और उनका नामांकन रद्द कर दिया।
गौरतलब है कि, चुनाव आयोग ने श्वेता सुमन को उत्तर प्रदेश की मूल निवासी मानते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया है। बिहार की आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ने के लिए कैंडिडेट का राज्य का मूल निवासी होना जरूरी है। मोहनिया से बीजेपी की संगीता देवी इस बार उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं।




