नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सियासी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बार नेता ज़मीन पर जितना दौड़ेंगे, आसमान में भी उतना ही उड़ान भरेंगे। जानकारी के मुताबिक पटना के स्टेट हैंगर से हर रोज़ करीब 20 हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे।
NDA ने बुक किए सबसे ज्यादा हेलीकॉप्टर
बीजेपी और जेडीयू गठबंधन ने ही दर्जन भर से ज्यादा हेलीकॉप्टर बुक कर लिए हैं। बीजेपी अकेले 12-13 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करेगी, जबकि जेडीयू रोज़ाना 2 हेलीकॉप्टर उड़ाएगी। महागठबंधन की तरफ़ से 5 हेलीकॉप्टर बुक हुए हैं। कांग्रेस और आरजेडी ने 2-2 हेलीकॉप्टर लिए हैं और मुकेश सहनी भी एक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करेंगे।
एक हेलीकॉप्टर का खर्च कितना?
चुनावी सीजन में किराया कई गुना बढ़ जाता है। सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर 1 से 2 लाख रुपये प्रति घंटा। डबल इंजन हेलीकॉप्टर 3 से 4 लाख रुपये प्रति घंटा। हर दिन दलों को कम से कम 3 घंटे का फ्लाइंग चार्ज + 18% जीएसटी देना होगा। इस हिसाब से एक हेलीकॉप्टर का दैनिक खर्च लगभग 11 लाख रुपये बैठेगा। 2020 के चुनाव में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव रोज़ 14-16 सभाएं करते थे और एक दिन तो 19 सभाओं का रिकॉर्ड बना दिया था। तब कुल 6-7 हेलीकॉप्टर ही इस्तेमाल हुए थे। लेकिन इस बार संख्या तीन गुना बढ़कर 20 तक पहुंच रही है। बिहार का चुनावी दंगल इस बार आसमान में भी लड़ा जाएगा। करोड़ों रुपये रोज़ाना हेलीकॉप्टरों पर खर्च होंगे और नेता ‘उड़न खटोले’ से सीधे मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। हेलीकॉप्टर से प्रचार के सवाल पर आरजेडी नेता राजेश यादव ने कहा कि हम लोग कम संसाधन में लड़ाई लड़ते रहे हैं हमारे नेता को हेलीकॉप्टर की चिंता नहीं रहती है. लालू प्रसाद यादव एक टूटी हुई जीप से चुनाव प्रचार करते थे और जीत जाते थे. इस बार भी युवाओं का साथ महागठबंधन को मिलने वाला है और हमारे नेता भी हेलीकाप्टर से प्रचार करेंगे, भले ही उसकी संख्या कम हो।




