नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में दिलचस्प मोड़ आ गया है। माउंटेन मैन दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी ने हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता ली, जिसके बाद अब उनके दामाद मिथुन मांझी और बेटी अंशु कुमारी भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
भागीरथ मांझी ने ज्वाइन की कांग्रेस
दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी ने दो दिन पहले कांग्रेस की सदस्यता ली थी। वे कांग्रेस के एक कार्यक्रम में शामिल होने पटना गए थे और फिर राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे। उनका कहना है कि वे भी अपने पिता की तरह समाजसेवा करना चाहते हैं, इसलिए कांग्रेस में शामिल हुए। भागीरथ मांझी के दामाद मिथुन मांझी अभी जेडीयू से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भागीरथ मांझी के कांग्रेस में जाने की जानकारी नहीं थी। लेकिन अब वे भी चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं। अगर जेडीयू उन्हें टिकट देती है, तो वे अपने ससुर के खिलाफ भी मैदान में उतर सकते हैं।
दशरथ मांझी को शहीद का दर्जा देने की मांग
मिथुन मांझी ने सरकार से मांग की कि दशरथ मांझी को वीर शहीद का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह शहीद सैनिकों के परिवार को सुविधाएं मिलती हैं, उसी तरह दशरथ मांझी के परिजनों को भी नौकरी मिलनी चाहिए। मिथुन मांझी ने बताया कि वे मजदूरी और खेती कर अपना परिवार चला रहे हैं। सरकार ने उन्हें नल-जल योजना के ऑपरेटर के पद पर रखा था, लेकिन पिछले दो साल से वेतन नहीं मिला। उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बेटी अंशु कुमारी भी लड़ेंगी चुनाव
भागीरथ मांझी की बेटी अंशु कुमारी ने भी राजनीति में आने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर जेडीयू उन्हें टिकट देती है, तो वे अपने पिता के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। उनका कहना है कि राजनीति में कोई किसी का नहीं होता और वे समाज की सेवा के लिए चुनाव लड़ेंगी। मिथुन मांझी ने जीतन राम मांझी पर परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब जीतन राम मांझी सांसद का चुनाव लड़े, तो इमामगंज से मांझी समाज के किसी और व्यक्ति को टिकट देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपनी बहू को उम्मीदवार बनाया। माउंटेन मैन दशरथ मांझी का परिवार अब अलग-अलग पार्टियों में बंट चुका है। भागीरथ मांझी कांग्रेस में हैं, तो उनके दामाद और बेटी जेडीयू से टिकट के दावेदार हैं। आने वाले चुनावों में मांझी परिवार के भीतर ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।





