नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति और प्रचार में जुट चुके हैं। माना जा रहा है कि चुनाव का आयोजन अक्टूबर से नवंबर की शुरुआत के बीच हो सकता है। इसी क्रम में हम बिहार की प्रमुख सीटों का विश्लेषण लेकर आए हैं। आज बात करेंगे लालगंज विधानसभा सीट की, जहां पर राजनीतिक मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। आइए जानते हैं कि इस सीट पर पिछले चुनाव के आंकड़े क्या कहते हैं और इस बार का समीकरण किस ओर इशारा कर रहा है।
लालगंज विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
लालगंज विधानसभा सीट बिहार की 243 सीटों में से एक महत्वपूर्ण और हॉट सीट मानी जाती है। इस सीट की स्थापना 1951 में हुई थी और यह हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले 6 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है। अब तक इस सीट पर हुए चुनावों में विभिन्न दलों ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने अब तक 4 बार जीत हासिल की है। जनता दल, जेडीयू (JDU) और एलजेपी (LJP) ने 2-2 बार सीट पर कब्जा जमाया है। लोकतांत्रिक कांग्रेस, जनता पार्टी, भाजपा (BJP) और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी 1-1 बार जीत दर्ज की है। इतिहास बताता है कि लालगंज सीट पर कभी किसी एक पार्टी का स्थायी दबदबा नहीं रहा और यही इस सीट को हर चुनाव में बेहद रोमांचक और रणनीतिक तौर पर अहम बना देता है।
लालगंज विधानसभा सीट पर क्या है जातीय और वोटर समीकरण?
लालगंज विधानसभा सीट, जो कि अनारक्षित श्रेणी में आती है, मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है और चुनावी दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जाती है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, इस सीट पर कुल 3,50,651 रजिस्टर्ड वोटर हैं। इनमें से लगभग 21% वोटर अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से आते हैं। वहीं, करीब 8 प्रतिशत वोटर मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि यहां जातीय समीकरण और धार्मिक जनसंख्या दोनों ही चुनावी रणनीति में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
पिछले दो चुनावों में किसे मिला जनमत?
वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में लालगंज सीट पर भाजपा के संजय कुमार सिंह ने जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 70,750 वोट मिले, जो कि 36.88% वोट शेयर के बराबर था। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के राकेश कुमार को 44,451 वोट (23.17%) मिले। इस तरह संजय सिंह ने 26,299 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
वहीं, 2015 के चुनाव में इस सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राज कुमार साह विजयी हुए थे। उन्हें 80,842 वोट (45.91%) मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर रहे जदयू उम्मीदवार विजय कुमार शुक्ला को 60,549 वोट (34.39%) प्राप्त हुए थे। इस चुनाव में राज कुमार साह ने 20,293 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। पिछले दो चुनावी नतीजे यह संकेत देते हैं कि लालगंज सीट पर दल और उम्मीदवार बदलते रहे हैं, लेकिन मुकाबला हमेशा कड़ा रहा है। 2025 में भी यहां कड़ी टक्कर की संभावना बनी हुई है।





