नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार में विधानसभा चुनाव के तैयारी की सरगर्मी के बीच एक वायरल वीडियो ने सियासी भूचाल ला दिया है। इस वायरल वीडियो के बाद सूबे की सियासत अपने ऊफान पर है। वायरल वीडियो के बाद मामला मुकदमे तक पहुंच गया है। चुनाव के मद्देनजर बीजेपी इस वीडियो को कांग्रेस के खिलाफ एक चुनावी हथिहार बना रही है। वही, इस लेकर बीजेपी ने कांग्रेस के बड़े लीडर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कांग्रेस के बड़े नेताओं पर FIR दर्ज
इस पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति में एक नया बवाल खड़ा हो गया है। बीजेपी कार्यकर्ता मृत्युंजय सिंह ने नगर थाना में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं-राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम और सदर विधायक आनंद शंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
वीडियो के संबंध में बीजेपी कार्यकर्ता मृत्युंजय का आरोप है कि वीडियो में कांग्रेस के द्वारा ‘माई बहिन मान योजना’ के नाम पर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है। आरोप है कि वीडियो में एक युवक कथित तौर पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करता दिख रहा है, जिसके हाथ में इन नेताओं की तस्वीर वाला पोस्टर है।
इसके अलावा, फॉर्म के साथ व्यक्तिगत जानकारी शेयर कराये जाने को मृत्युंजय ने गंभीर अपराध बताते हुए इसकी विस्तृत जांच कराए जाने की मांग की है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह मामला बिहार की सियासत को गर्म कर सकता है।
वायरल वीडियो में क्या है आरोप?
इस वीडियो के चलते कांग्रेस के सीनियर लीडर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई अन्य कांग्रेस नेताओं पर FIR दर्ज कराई गई है। केस दर्ज कराने वाले बीजेपी कार्यकर्ता मृत्युंजय सिंह के अनुसार, वायरल वीडियो में एक युवक योजना के फॉर्म भरने की अपील करता है और दावा करते हुए कहता है कि हर महीने 2500 रुपये सीधे खाते में आएंगे।
युवक के हाथ में एक पोस्टर है जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राजेश राम और आनंद शंकर की तस्वीरें हैं। वीडियो में कथित तौर पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां भी की गई हैं, जिसे मृत्युंजय ने नारी शक्ति का अपमान बताया।
‘वोटर्स को भ्रमित करने की साजिश’
मृत्युंजय सिंह ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि यह वीडियो आगामी चुनावों में मतदाताओं को भ्रमित करने की साजिश है। उनका दावा है कि सरकार द्वारा ऐसी कोई स्कीम नहीं चलाई जा रही फिर भी फॉर्म के जरिए महिलाओं की निजी जानकारी मांगी जा रही है। इसे उन्होंने गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन और धोखाधड़ी करार दिया है जिससे जनता के बीच अविश्वास पैदा हो सकता है।




