नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के बड़े सहयोगी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), को छोटे सहयोगियों के प्रति अधिक उदार रहना चाहिए। उनका मानना है कि बिहार में नए दलों के संभावित प्रवेश के साथ ‘इंडिया’ गठबंधन के विस्तार की संभावना बन रही है।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी 243 विधानसभा सीटों में से कम से कम 40 पर चुनाव लड़ने की उम्मीद कर रही है, जबकि पिछले चुनाव में पार्टी केवल 19 सीटों पर ही चुनाव मैदान में उतरी थी। यह जानकारी उन्होंने एक मीडिया चैनल से बातचीत को लेकर दिए एक इंटरव्यू में शेयर किया है।
कांग्रेस की और सीट वृद्धि पर क्या बोले दिपांकर भट्टाचार्य
बिहार में हाल ही में संपन्न ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के बाद कांग्रेस की अधिक सीटों की मांग पर दीपांकर भट्टाचार्य ने स्पष्ट कहा, “मैंने कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा लगभग 70 सीटें मांगने की खबरें देखी हैं, लेकिन पिछली बार उन्होंने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा और केवल 19 सीटों पर ही जीत हासिल की थी।”
2015 में कांग्रेस का अच्छा स्ट्राइक रेट था- दिपांकर भट्टाचार्य
दीपांकर भट्टाचार्य ने आगे कहा, “2015 में कांग्रेस ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा और 27 सीटें जीती, जो बहुत अच्छा स्ट्राइक रेट था। 2020 में कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव उतरी, लेकिन उस समय उन्होंने अपनी क्षमता से ज्यादा बोझ उठाया। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं संतुलन होना चाहिए।” दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि RJD और कांग्रेस पहले की तुलना में कम सीटों पर लडें।
दूसरी ओर, दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पिछली बार भाकपा (माले) लिबरेशन का प्रतिनिधित्व कम था, लेकिन इस बार वे उचित प्रतिनिधित्व चाहते हैं। नए सहयोगियों के शामिल होने के साथ, उनका मतलब है कि राजद और कांग्रेस को 2020 की तुलना में कम सीटों पर चुनाव लड़ना होगा और उन्हें अधिक उदार होना पड़ेगा।
जनशक्ति पार्टी (पारस गुट) और JMM भी होगी शामिल
अभी महागठबंधन में छह दल शामिल हैं, जिसमें RJD, कांग्रेस, भाकपा (माले) लिबरेशन, भाकपा, माकपा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) है। वही, इस साल के अंत में होने वाले चुनावों से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (पारस गुट) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के भी इसमें शामिल होने की संभावना है।
भट्टाचार्य ने कहा कि हमने लगभग 40 सीटों की सूची पहले ही सौंप दी गई है और बातचीत जारी है। अब देखना होगा कि किसके खाते में कितनी सीटें आती हैं।




