नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार की राजधानी पटना में बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने आरजेडी नेता और प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार राय उर्फ आला राय की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से इलाके में दहशत फैल गई, वहीं पुलिस जांच में जुट गई है।
पटना में आरजेडी नेता राजकुमार राय उर्फ आला राय की हत्या से सनसनी फैल गई है। हमलावर होटल के भीतर घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। घटनास्थल से 6 खोखे बरामद हुए। पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है, जबकि परिजनों ने गिरफ्तारी नहीं होने पर विरोध की चेतावनी दी है।
हमलावर ने होटल के अंदर घुसकर चलाई गोलियां
आरजेडी नेता राजकुमार राय की हत्या को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, राय घर पहुंचते ही घात लगाए अपराधियों की फायरिंग का शिकार हुए। जान बचाने को वे पास के होटल में घुसे, लेकिन हमलावर भीतर तक घुस आए और अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। होटल का फ्रिज भी गोली लगने से क्षतिग्रस्त हुआ।
पुलिस ने मौके से 6 खोखे किए बरामद
राजकुमार राय की गोली मारकर हत्या के बाद पटना शहर में हड़कंप मच गया। वारदात के बाद पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल राय को पीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से छह खोखे बरामद हुए। एसपी परिचय कुमार ने जांच की पुष्टि की है।
राघोपुर से चुनाव लड़ने की थी तैयारी
राजकुमार राय की पटना में हुई हत्या पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि, अपराधियों ने राजकुमार राय पर 8 से 10 गोलियां दागीं। बहन शिला देवी ने बताया कि, राय आगामी चुनाव में राघोपुर से उम्मीदवार बनने की तैयारी कर रहे थे। इस खुलासे के बाद वारदात को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल
राजकुमार राय की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे शव को सड़क पर रखकर विरोध करेंगे। हालांकि, उन्होंने फिलहाल किसी आरोपी का नाम सार्वजनिक करने से इंकार किया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
हत्या की जांच में जुटी पुलिस
वही, राजकुमार राय की हत्या मामले में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की DVR जब्त कर ली है और FSL टीम को जांच के लिए बुलाया है। पुलिस का कहना है कि, हत्या की वजह राजनीतिक रंजिश है या प्रॉपर्टी विवाद, यह जांच में स्पष्ट होगा। चुनावी मौसम में हुई इस वारदात ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





