नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार की सियासत में चुनावी सरगर्मी के बीच बड़ा धमाका हुआ है। विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 27 नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को पार्टी ने इन सभी को छह साल के लिए निष्कासित करने का फैसला सुनाया। आरजेडी के राज्य मुख्यालय से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि कई नेता पार्टी की लाइन से हटकर या तो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर गए, या फिर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों का विरोध कर रहे थे। इन रिपोर्टों की पुष्टि होने के बाद पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित नेताओं की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि “बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के दौरान, राष्ट्रीय जनता दल के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय रूप में चुनाव लड़ने या दल-विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर निम्नलिखित कार्यकर्ताओं को पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है।” सूत्रों के मुताबिक, निष्कासित नेताओं की सूची पार्टी ने आधिकारिक रूप से जारी कर दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
बगावत पर 27 नेताओं को पार्टी से किया निष्कासित
निष्कासित नेताओं में परसा के विधायक छोटेलाल राय, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष रितु जयसवाल, नवादा के गोविंदपुर से विधायक मोहम्मद कामरान, पूर्व विधायक राम प्रकाश महतो, अनिल सहनी, सरोज यादव और अनिल यादव जैसे नाम शामिल हैं। रितु जयसवाल इस बार परिहार सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं, जहां आरजेडी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे की बहू स्मिता पूर्वे को टिकट दिया है। वहीं, नवादा के गोविंदपुर से मौजूदा विधायक मोहम्मद कामरान भी पार्टी से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, जबकि इस सीट से आरजेडी ने पूर्व विधायक कौशल यादव की पत्नी पूर्णिमा यादव को उम्मीदवार बनाया है।
JDU ने पार्टी विरोधी गतिविधियों पर 16 नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता
जेडीयू ने सख्त रुख अपनाते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 16 नेताओं को निष्कासित कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने रविवार, 26 अक्टूबर को यह कार्रवाई करते हुए कहा कि सभी नेताओं ने संगठन की नीतियों और अनुशासन का उल्लंघन किया है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ नेता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। निष्कासित नेताओं में मौजूदा विधायक गोपाल मंडल, पूर्व विधायक महेश्वर यादव और पूर्व एमएलसी संजीव श्याम सिंह जैसे नाम शामिल हैं। यह कदम उस समय उठाया गया है जब पार्टी ने इससे एक दिन पहले ही 11 अन्य नेताओं को भी इसी तरह के आरोपों में बाहर का रास्ता दिखाया था।
जेडीयू के आधिकारिक बयान के मुताबिक, ये सभी नेता “पार्टी के मूल हितों और अनुशासन के खिलाफ गतिविधियों” में संलिप्त थे, इसलिए संगठन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निष्कासित करने का निर्णय लिया। लगातार दो दिनों में हुई इन कार्रवाइयों ने स्पष्ट कर दिया है कि जेडीयू चुनावी सीजन में किसी भी तरह की बगावत या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
बिहार में दो चरणों में होगा मतदान
बिहार में विधानसभा चुनाव का आगाज हो चुका है और सियासी हलचल अपने चरम पर है। एक तरफ महागठबंधन के नेता सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए पूरे जोश के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ एनडीए के दिग्गज नेता दोबारा सत्ता में वापसी के लिए मैदान में पसीना बहा रहे हैं। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। दोनों चरणों के मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी और इसी दिन यह साफ हो जाएगा कि बिहार की सत्ता पर कौन काबिज होगा।





