नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। जहां रविवार को भागलपुर पहुंचे सीएम नीतीश ने जिले में तीन जनसभाएं कीं और इस दौरान उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में लालू-राबड़ी शासनकाल (महागठबंधन) को निशाने पर लिया। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की पिछली व्यवस्था पर जमकर हमला बोला और अपनी सरकार के विकास कार्यों को गिनाया।
”वो सरकार फालतू थी, शाम के बाद सब बंद था”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से सीधे तौर पर लालू-राबड़ी के शासनकाल की यादें ताजा कीं और कहा कि उस वक्त राज्य की स्थिति बेहद खराब थी। सीएम ने कहा, पहले की सरकार फालतू थी। पहले वाली स्थिति में बहुत ही बुरा हाल था। शाम के बाद लोग घर से नहीं निकल पाते थे। अपने इलाके में सब बंद हो जाते थे।
उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है, और अब बच्चा, लड़का या फिर लड़की आराम से कभी भी घूम सकते हैं। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले हिंदू और मुस्लिम के बीच झगड़े होते थे, लेकिन एनडीए सरकार ने कानून का राज स्थापित किया है।
विकास के एजेंडे पर NDA की वाहवाही
महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने एनडीए सरकार द्वारा किए गए प्रमुख विकास कार्यों का बखान किया, उन्होंने बताया कि, पहले ना पढ़ाई, ना इलाज, ना सड़कें और ना ही बिजली की व्यवस्था थी, लेकिन उनकी सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में व्यापक काम किया है।
सामाजिक न्याय
सीएम ने महिलाओं के लिए किए गए काम और आरक्षण देने के फैसलों का विशेष जिक्र किया।उन्होंने 2006 में शुरू की गई कब्रिस्तानों की घेराबंदी का भी जिक्र किया, जिसका उद्देश्य किसी तरह का विवाद न हो, यह सुनिश्चित करना था। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू हो या मुस्लिम, हमने सबके लिए काम किया।उन्होंने युवाओं को एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
जेडीयू प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन
भागलपुर के गोपालपुर सीट पर सीएम नीतीश कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रत्याशी बुलो मंडल के लिए वोट मांगे।गौरतलब है कि इस सीट से मौजूदा विधायक गोपाल मंडल का टिकट काटकर राजद से जेडीयू में शामिल हुए बुलो मंडल को प्रत्याशी बनाया गया है। सीएम नीतीश ने बुलो मंडल के पक्ष में प्रचार करते हुए जनता से समर्थन देने की भावुक अपील की।सीएम नीतीश कुमार का यह आक्रामक प्रचार, जहाँ वह पुरानी सरकार की विफलताओं की याद दिला रहे हैं, यह दर्शाता है कि एनडीए का मुख्य चुनावी दांव बनाम जंगलराज सुशासन के इर्द-गिर्द घूम रहा है।





