नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता लगते ही प्रशासन और चुनाव आयोग एक्शन मोड में आ गए हैं। पहले ही दिन प्रवर्तन एजेंसियों ने सख्ती दिखाते हुए भारी मात्रा में नकदी, शराब और नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। जब्त की गई चीजों की कुल कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
संयुक्त अभियान में बड़ी कार्रवाई
राज्यभर में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, आबकारी विभाग, आयकर विभाग, नारकोटिक्स ब्यूरो, सीमा शुल्क और फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें मिलकर लगातार जांच अभियान चला रही हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के कार्यालय से सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए और निगरानी को और मजबूत बनाया जाए।
गोपालगंज में 7.50 लाख रुपये नकद जब्त
गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान एक कार से 7.50 लाख रुपये नकद बरामद किए। जब वाहन सवार लोगों से पैसे के बारे में पूछताछ की गई, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस ने नकदी के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया। गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद जिले में हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बड़ी मात्रा में नकदी के लेनदेन या परिवहन पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सख्त पाबंदी है।
चुनाव आयोग की सख्त निगरानी
निर्वाचन आयोग का स्पष्ट उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी प्रलोभन या दबाव के स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। इसी के तहत राज्य के सभी जिलों में जांच अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह केवल शुरुआत है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, जांच और सख्ती और बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी तरह का धन, शराब या अन्य वस्तुओं के जरिये मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश न हो सके।





