नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर 6 नवंबर को होने वाली वोटिंग से पहले राजनीतिक माहौल गहराता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड JDU के उम्मीदवार अनंत सिंह को जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उन्हें पटना स्थित बेऊर जेल भेज दिया, जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा।
अब हर कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में मेहनत करनी होगी
अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष ललन सिंह ने मोर्चा संभालते हुए मोकामा में चुनाव प्रचार तेज कर दिया। उनके साथ बीजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी सक्रिय हैं और रोड शो कर जनता से समर्थन मांग रहे हैं।
ललन सिंह ने रैली में कहा, अनंत सिंह के जेल जाने के बाद अब हर कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में अनंत सिंह की तरह मेहनत करनी होगी। यह उनके खिलाफ षड्यंत्र है। जनता सच्चाई जानती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि, वे जेल जाने के बावजूद अनंत सिंह को समर्थन दें। बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी अनंत सिंह का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज FIR झूठी और साजिशपूर्ण है। बृजभूषण ने कहा, अनंत सिंह निर्दोष हैं। उनकी गिरफ्तारी से चुनाव प्रभावित नहीं होगा। अब मोकामा की जनता फैसला करेगी।
80 समर्थकों के साथ हुई अनंत सिंह की गिरफ्तारी
मोकामा में 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प में यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि हृदय और फेफड़ों को चोट पहुंचने के कारण उनकी हृदय गति रुक गई। पुलिस ने इस मामले में 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया।
मोकामा का चुनावी समीकरण
इस बार मोकामा सीट पर अनंत सिंह का मुकाबला आरजेडी की वीना देवी से है। वीना देवी पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी हैं। दोनों उम्मीदवार भूमिहार समुदाय से आते हैं, जिससे यह चुनाव धनबल और बाहुबल का प्रतीक बन चुका है।अनंत सिंह इस सीट पर लंबे समय से प्रभावशाली रहे हैं और 2005 से लगातार जीतते आए हैं। 2022 के उपचुनाव में यह सीट आरजेडी के हाथ चली गई थी। इस बार दोनों के आमने-सामने होने से चुनाव बेहद संवेदनशील और रोचक माना जा रहा है।
एनडीए का रणनीतिक कदम
अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद एनडीए के वरिष्ठ नेता मैदान में सक्रिय हैं। ललन सिंह और सम्राट चौधरी दोनों अलग-अलग रैलियों और रोड शो के माध्यम से जनता को एनडीए के विकास एजेंडे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
एनडीए ने पूरे प्रचार अभियान को तेज कर दिया है
एनडीए ने पूरे प्रचार अभियान को तेज कर दिया है और यह संदेश दिया है कि चुनाव सिर्फ उम्मीदवार का नहीं, पूरे गठबंधन की ताकत का होगा। स्थानीय और राज्य स्तरीय नेताओं का जोर इस बात पर है कि अनंत सिंह की लोकप्रियता और उनका राजनीतिक दबदबा निर्णायक साबित होगा।
मोकामा विधानसभा सीट इस बार सिर्फ वोटिंग का मामला नहीं रही। यह सियासी शक्ति, बाहुबल और धनबल का प्रतीक बन चुकी है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि, इस चुनाव का परिणाम सिर्फ इस सीट पर नहीं, पूरे इलाके में राजनीतिक संतुलन और एनडीए-आरजेडी समीकरण पर असर डालेगा। अंततः मोकामा की जनता निर्णायक भूमिका निभाएगी कि, जेल जाने के बावजूद अनंत सिंह का दबदबा कायम रहेगा या आरजेडी की वीना देवी को बढ़त मिलेगी।





