नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को एक चिट्ठी लिखकर महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है।
AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने जताई चिंता – “बिखर जाएंगे सेकुलर वोट”
AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने लालू यादव को लिखी चिट्ठी में कहा, “अगर हम सब मिलकर चुनाव लड़ें, तो सेकुलर वोटों का बिखराव नहीं होगा और अगली सरकार महागठबंधन की बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता में आने का मौका सिर्फ इसलिए मिलता है क्योंकि सेकुलर ताकतें बंट जाती हैं।
“पहले भी जताई थी इच्छा, लेकिन बात नहीं बनी” – AIMIM
अख्तरुल ईमान ने चिट्ठी में यह भी लिखा कि उन्होंने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी महागठबंधन में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन वो प्रयास सफल नहीं हो सके। “हमने राजद, कांग्रेस और अन्य महागठबंधन दलों से बातचीत की है, प्रस्ताव भेजा है। कृपया इस पर जल्द निर्णय लें। AIMIM को अभी तक किसी भी दल से सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। इस वजह से अख्तरुल ईमान ने दो दिन पहले बयान देकर कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो तीसरा मोर्चा भी बनाया जा सकता है।
RJD का जवाब – “जनता तेजस्वी के साथ है”
AIMIM की इस चिट्ठी पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कौन महागठबंधन में आएगा, इसका फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। लेकिन हमें भरोसा है कि वोटों का कोई बिखराव नहीं होगा क्योंकि जनता तेजस्वी यादव के साथ है। हालांकि बिना नाम लिए उन्होंने AIMIM को वोट कटवा पार्टी कहकर तंज कसा। अब देखना होगा कि लालू यादव और महागठबंधन के अन्य दल AIMIM के प्रस्ताव पर क्या फैसला लेते हैं। अगर AIMIM महागठबंधन में शामिल होती है तो राज्य की सियासत में एक नया समीकरण बन सकता है। और अगर नहीं, तो तीसरा मोर्चा बनकर चुनाव को और दिलचस्प बना सकता है।





