नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिग बॉस 19 के 12 नवंबर वाले एपिसोड में घर से बाहर हुए कंटेस्टेंट मृदुल तिवारी के एविक्शन ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। जहां उस दिन का एपिसोड भावनाओं से भरा रहा, जब मृदुल को सबसे कम वोट मिलने के बाद घर छोड़ना पड़ा। लेकिन जैसे ही ये खबर सोशल मीडिया तक पहुंची, फैंस ने शो के मेकर्स पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना है कि मृदुल का एविक्शन अनफेयर और स्क्रिप्टेड है।
इमोशनल हुआ घर का माहौल
12 नवंबर का एपिसोड काफी भावुक रहा, जब घर में आई पब्लिक के कम वोट्स मिलने के कारण मृदुल तिवारी को घर से बेघर होना पड़ा। मृदुल के एविक्शन पर लगभग सभी घरवालों की आंखें नम थीं। मृदुल के सबसे करीबी माने जाने वाले गौरव खन्ना को सबसे ज्यादा दुख पहुंचा। उन्होंने मृदुल के जाने के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्हें टास्क के दौरान मृदुल को अपनी टीम में नहीं लेना चाहिए था।गायक अमाल मलिक ने भी मृदुल तिवारी के खेल की तारीफ की।
सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा
मृदुल तिवारी के निष्कासन को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी निराशा और गुस्सा जाहिर किया है,कई यूजर्स ने कहा कि, मृदुल का खेल कुनिका, अशनूर और शहबाज से कहीं बेहतर था। एक यूजर ने इसे स्क्रिप्टेड बिग बॉस बताया।एक यूजर ने लिखा कि मृदुल तिवारी टॉप 5 में थे और उनके साथ बहुत गलत हुआ।
लोगों ने सवाल उठाया कि, केवल 50 लोगों ने मृदुल का घर में रहना या नहीं रहना तय किया, और इसे पूरी तरह से ‘प्लान किया गया’ एविक्शन बताया।कई निराश फैंस ने नारा दिया, अगर मृदुल नहीं तो बिग बॉस भी नहीं, यह दर्शाता है कि वे अब शो में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।
एविक्शन का तरीका
मृदुल का एविक्शन घर में आए लोगों के सामने दिए गए एक टास्क पर आधारित था। मृदुल, गौरव खन्ना और प्रणित मोरे को स्पीच देनी थी, और तीनों में से मृदुल को सबसे कम पब्लिक वोट मिले, जिसके कारण उन्हें घर से बाहर होना पड़ा।
फैंस का मानना है कि मृदुल तिवारी का गेम बेहद मजबूत था और वह टॉप 5 कंटेस्टेंट्स में से एक हो सकते थे। एक यूजर ने लिखा,मृदुल इस घर में रहने के लिए बहुत अच्छे थे। शायद इसलिए उन्हें बाहर कर दिया गया।
मृदुल के जाने के बाद बिग बॉस 19 का माहौल काफी बदल गया है। जहां कुछ घरवाले अभी भी उनके एविक्शन से उबर नहीं पाए हैं, वहीं दर्शक अब मेकर्स से शो में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।बिग बॉस में अब सवाल सिर्फ अगले एविक्शन का नहीं, बल्कि ईमानदारी का भी उठ गया है।





