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Vastu Tips: जानिए वास्तु के अनुसार किस रंग की चूड़ी पहनने से पति की उम्र होगी लंबी, इस दिन पहनें नई चूड़ियां

वास्तु शास्त्र के अनुसार महिलाओं को चूड़ियां पहनने के लिए भी कई नियम का पालन करना पड़ता है। तो आईए जानते हैं वास्तु का यह नियम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क।30 March 2024। हर सुहागन महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए चूड़ियां पहनती हैं। रंग-बिरंगी कंगन सिर्फ दुल्हन ही नहीं बल्कि किसी भी महिला की खूबसूरती में चार चांद लगा सकते हैं। वास्तु शास्त्र में इससे जुड़ी कई बातें बताई गई है जिनका हमें पालन करना चाहिए।

इस रंग की न पहनें चूड़ियां

वास्तु शास्त्र के अनुसार विवाहित महिलाएं कभी भी काले या गहरे हरे रंग की चूड़ियां न पहनें। यह रंग शुभ नहीं माने जाते हैं। हाथ में चूड़ियां पहनने से मन को शांति मिलती है। यह सौभाग्य के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। काले रंग की चूड़ियों से घर में नकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवाह होता है। सुहागन महिलाओं को हमेशा गाढ़े रंग की चूड़ियां धारण करनी चाहिए। इससे पति की उम्र और ज्यादा लम्बी होती है।

इस दिन पहनें नई चूड़ियां

सुहागन महिलाएं जब भी चूड़ी पहनें तो किसी अच्छे दिन और अच्छे मुहूर्त पर जरूर विचार करें। नई चूड़ी पहनने के लिए रविवार और शुक्रवार का दिन काफी शुभ माना जाता है। इस दिन को महिलाओं के लिए बेहद ज्यादा महत्व दिया जाता है। शुभ दिन चूड़ियाँ पहनने से पति की उम्र लंबी होती है।

इस दिन भूल कर भी ना पहने नई चूड़ियां

वास्तु शास्त्र के अनुसार मंगलवार और शनिवार के दिन नई चूड़ियां नहीं पहननी चाहिए। इससे वास्तु दोष होता है और आपके पति की उम्र काम हो जाती है। लेकिन अगर किसी कारणवश आप इसी दिन चूड़ी पहन रही हैं तो पहले चूड़ी को तुलसी माता को समर्पित करें उसके बाद खुद पहनें।

इतनी संख्या में पहनें चूड़ियां

नियम के अनुसार, एक नयी दुल्हन को कम से कम 40 दिनों तक चूड़ियां पहननी चाहिए।सुहागन महिलाएं 21 चूड़ियां पहन सकती हैं। प्रत्येक हाथ में उचित और समान मात्रा में सोने या चांदी से बनी 2 चूड़ियां रख सकती हैं।

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डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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