नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। Pukhraj Ratna Benefits: ज्योतिषशास्त्र में रत्न का विशेष महत्व बताया गया है। रत्नों को हमेशा ज्योतिष सलाह के बाद ही धारण करना चाहिए। जातक अपनी ग्रह की स्थिति के हिसाब से रत्नों को धारण करता है। ज्योतिषियों के अनुसार ग्रहों की प्रतिकूल प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को कुछ विशेष रत्न अवश्य धारण करने चाहिए। आज हम बात करेंगे पुखराज रत्न के बारे में इसे धारण करने से कुछ राशियों को विशेष रूप से लाभ होता है। रत्न शास्त्र के अनुसार, पुखराज रत्न का सीधा संबंध ग्रहों के स्वामी बृहस्पति से है। इसके अलावा बृहस्पति धन और मान-सम्मान में वृद्धि का कारक होता है। आइए जानते हैं पुखराज धारण करने का लाभ और सही विधि के बारे में…
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ऐसे करें पुखराज धारण
पुखराज पहनने से पहले कुछ महत्वपूर्ण विधियां आपको जाननी चाहिए। पुखराज खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह सवा सात या आठ रती का ही होना चाहिए, इसके साथ ही इस चांदी या सोने के धातु में ही बनवाना चाहिए। पुखराज रत्न धारण करने के लिए गुरुवार का दिन सबसे अच्छा माना जाता है और इस रत्न को धारण करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन, धन और वस्त्र दान करें।
पुखराज का महत्व
पुखराज रत्न का सीधा संबंध देव गुरु बृहस्पति से है इसलिए इस रत्न को नवरत्न भी माना जाता है। रत्न शास्त्र कहता है कि पुखराज रत्न को विधिपूर्वक धारण करने से व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है और आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं , इसके साथ ही व्यक्ति पर लंबे समय तक देव गुरु की कृपा बनी रहती है।




