नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क।(Neela Pukhraj Ratan:) शनि के नकारात्मक प्रभाव और पीड़ा को दूर करने के लिए नीलम (Neelam )या नीला पुखराज धारण करने की सलाह दी जाती है। नीलम को हीरा के बाद दूसरा सबसे खूबसूरत रत्न माना जाता है। नीलमणि, नीलम, इंद्र नीलमणि, याकूत, नीलम और कबूद के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि ये रत्न राजा को रंक बना सकता है। नीला पुखराज धारण करने से व्यक्ति को तमाम कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा माना जाता है कि यदि इस रत्न को दूध में डाला जाए तो ये रत्न दूध के रंग को नीला कर देती है। आइए जानते हैं क्या है इस रत्न की खासियत…
नीला पुखराज के तथ्य – Facts of Neelam in Hindi
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नीला पुखराज के बारे में ऐसी मान्यता है कि जब इस रत्न को दूध में डाला जाए तो दूध भी नीला रंग का हो जाता है।
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इस रत्न के लिए ये भी मान्यता है कि अगर ये रत्न शुभ साबित हो तो व्यक्ति की जिदंगी खुशियों से भर देता है और अशुभ हो तो जिदंगी को नरक भी बना देता है।
किन राशियों के लिए है फायदेमंद
मकर तथा कुंभ राशि के जातकों के लिए नीलम या नीला पुखराज धारण फायदेमंद होता । इसके साथ ही जिन लोगों को शनि साढ़ेसाती परेशान कर रही हो वो भी उनसे बचने के लिए इस रत्न को धारण कर सकते हैं
नीला पुखराज के फायदे – Benefits of Neelam
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नीला पुखराज धारण करने से मन की अशांति दूर हो जाती है।
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माना जाता है कि नीलम धारण करने से ज्ञान तथा धैर्य की वृद्धि होती है।
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नीलम रत्न हमारी भाषा को मिठास प्रदान करता है, इसके साथ ही हमारे क्रोध को भी कम करता है।
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नीलम को राजनेताओं और राजनीति से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से नेतृत्व के गुणों में वृद्धि होती है।
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माना जाता है कि जो लोग तनाव और चिंता से घिरे रहते हैं उन्हें नीला पुखराज पहनना चाहिए।




