नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 23 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे जिसके बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल बने हुए थे। हालांकि महायुति ने सभी मुद्दों को सुलझा कर आपसी समीकरण सही कर लिए। इसी कड़ी में आज मुंबई के आजाद मैदान में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ जिसमें देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जबकि एकनाथ शिंदे और अजित पावर ने डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली।
तीसरी बार देवेंद्र फडणवीस बने मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस के लिए तीसरा मौका है जब उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला है। हालांकि महायुति 1:0 सरकार में वह एकनाथ शिंदे के डिप्टी के तौर पर काम कर रहे थे जबकि अब तस्वीर पलट चुकी है और मौजूदा सरकार में एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम के तौर पर काम करेंगे। एकनाथ शिंदे को लेकर शपथग्रहण से एक घंटे पहले तक कयासों का दौर चल रहा था कि क्या शिंदे शपथ लेंगे या नहीं। शिवसेना के विधायकों की ओर से यह बात भी सामने आई कि अगर शिंदे शपथ नहीं लेंगे तो शिवसेना का कोई भी विधायक सरकार में शामिल नहीं होगा।
विधानसभा सत्र की शुरुआत 7 दिसंबर से होगी
सरकार के शपथ ग्रहण के बाद ही देवेंद्र फडणवीस सरकार एक्शन मोड में आ गई है। महाराष्ट्र में अब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की शपथ के बाद विधायक और स्पीकर के चुनाव का समय भी निर्धारित कर दिया है। 7 दिसंबर को महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें विधायकों की शपथ विधि होगी। सूत्रों की मानें तो यह खबर भी सामने आ रही है कि इस सरकार में कुल मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है। महायुति सरकार में 50:30:20 के रेश्यो में मंत्री पद का बंटवारा हो सकता है।




