तंजौर में घूमने का बनाया है प्लान? इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर जरूर करें विजिट

Anzar Hashmi

तंजौर कुछ विश्व प्रसिद्ध मंदिरों का निवास स्थान है। भारत के तमिलनाडु में प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक हैतंजावुर का एक समृद्ध ऐतिहासिक महत्व माना जाता है।

Travel Tips | Social Media

इस दक्षिण भारतीय शहर की सदियों पुरानी संस्कृति पर्यटकों के लिए देखने लायक रहता है। इसे यात्रियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। तंजावुर के ऐतिहासिक नमूनों से खुद को समृद्ध करें और अपनी इंद्रियों को मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। यह तंजावुर के 6 सर्वश्रेष्ठ पर्यटक आकर्षणों के बारे में चेक कर लेते हैं।

Travel Tips | Social Media

गंगईकोंडा चोलपुरम को चोल वंश का आदर्श नमूना माना जाता है। जाएँ और स्वयं निर्णय लें। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गंगईकोंडा चोलपुरम इस साम्राज्य की राजधानी मानी जाती थी। यह पर्यटकों के बीच में काफी मशहूर है।

Travel Tips | Social Media

मन की शांति पाने को लेकर ध्यान दे रहे हैं। आप अपने मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करना चाहते हैं तो तंजावुर में थंजई मामानी कोइल की यात्रा करना न भूलें। यहाँ पर आकर आपको अलग एहसाल होगा।

Travel Tips | Social Media

श्वार्ट्ज चर्च हमारे देश के सबसे पुराने चर्चों में शामिल है। सरफोजी द्वितीय, जो एक मराठा शासक थे। उन्होंने 1779 के आसपास श्वार्ट्ज चर्च की स्थापना की। यदि आप तंजावुर की औपनिवेशिक विरासत को महसूस करना चाहते हैं, तो श्वार्ट्ज चर्च को अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं।

Travel Tips | Social Media

तंजावुर के समृद्ध इतिहास का एक और वास्तुशिल्प नमूना विजयनगर किला है। मराठों और नायकों ने 1550 ई. में इस चमत्कार की स्थापना की। विजयनगर किला जा सकते हैं और आपको संगीता महल और मंत्रमुग्ध कर देने वाला तंजौर महल देखने को मिलेगा।

Travel Tips | Social Media

तंजावुर का एक अन्य लोकप्रिय मंदिर चंद्र भगवान मंदिर माना जाता है। पवित्र चंद्र देवता इस प्रसिद्ध मंदिर के देवता हैं। चंद्र भगवान मंदिर का भक्तों के दिलों में बहुत महत्व रहता है। इस जगह की जटिल वास्तुकला आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।

Travel Tips | Social Media

अपने तंजावुर यात्रा कार्यक्रम में सरस्वती महल पुस्तकालय को शामिल कर सकते हैं। सरस्वती महल पुस्तकालय हमारे देश के अद्भुत पुस्तकालयों में शामिल है। यह प्राचीन काल की समृद्ध विरासत और विरासत को संजोए रखता है। नायक शासकों ने 16 वीं से 17 वीं शताब्दी में इस उल्लेखनीय पुस्तकालय का निर्माण करवाया था।

Travel Tips | Social Media