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उम्मीदवारों की घोषणा के मामले में शुक्रवार को अपने लिए लकी मानती हैं ममता

Raftaar Desk - P2

- आज भी उसी कमरे से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया, जहां से 2016 में किया था कोलकाता, 05 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में टोना टोटका और ज्योतिष पर भरोसा करने वाली ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की सूची जारी करने में भी टोटके का सहारा लिया है। शुक्रवार को उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए सभी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की। यह घोषणा उन्होंने उसी जुम्मे की नमाज के बाद की, जिस दिन 2016 के विधानसभा चुनाव में की थी। इसके अलावा ममता आज दफ्तर के उसी कमरे में पहुंचीं, जहां से उन्होंने पिछली बार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी। पिछली बार भी ममता ने पार्टी दफ्तर के एक छोटे से कमरे से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था, जिसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। इस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रेस वार्ता के लिए जगह बदल ली थी। लोकसभा चुनाव में ममता को काफी नुकसान उठाना पड़ा, जिसकी वजह से अबकी एक बार फिर वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पुराने कमरे में हीं पहुंचीं। इधर, ममता बनर्जी ने दिन और समय का भी चुनाव साल 2016 की तरह ही किया। पिछली बार भी कैंडिडेट की घोषणा शुक्रवार को ही की गई थी, इस बार भी यही दिन चुना गया है। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी इस दिन को अपने लिए काफी लकी मानती हैं। ममता की पार्टी पिछले चुनाव में 211 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उसके पहले 2011 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी ममता ने जुम्मे की नमाज के बाद ही उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इतना ही नहीं आजादी के बाद राज्य की कांग्रेस सरकार और उसके बाद 33 सालों तक वाममोर्चा सरकार ने कोलकाता के राइटर्स बिल्डिंग में सचिवालय रखा था लेकिन 2011 में मुख्यमंत्री बनते ही ममता ने सचिवालय भी बदल लिया और हावड़ा की नवान्न बिल्डिंग में अपना दफ्तर बनाया। उनके करीबी सूत्रों ने बताया था कि ज्योतिषियों की सलाह पर ही उन्होंने यह निर्णय लिया था। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश