राउंड अप : भारत बंद का बंगाल में रहा दिनभर असर, बंद रहे बाजार दुकान
राउंड अप : भारत बंद का बंगाल में रहा दिनभर असर, बंद रहे बाजार दुकान 
पश्चिम-बंगाल

राउंड अप : भारत बंद का बंगाल में रहा दिनभर असर, बंद रहे बाजार दुकान

Raftaar Desk - P2

कोलकाता, 08 दिसम्बर (हि. स.)। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा मंगलवार को आहूत भारत बंद का बंगाल में भी असर दिख रहा है। वामपंथी दलों, ट्रेड यूनियनों एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं सहित किसान संगठनों से जुड़े लोग मंगलवार सुबह से ही बंद को सफल बनाने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतर आए थे। दिनभर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन होते रहे। जगह-जगह पुलिस से भी टकराव होता रहा। प्रदर्शनकारी कई जगहों पर सड़कों व रेल पटरियों को जाम करने के साथ धरना देते रहे हैं। निजी वाहन भी सड़कों से नदारद थे। कोलकाता में माकपा के कार्यकर्ताओं और एसएफआइ तथा डीवाईएफआई के सदस्यों ने लेक टाउन, कॉलेज स्ट्रीट, जादवपुर और श्यामबाजार फाइव प्वाइंट क्रॉसिंग जाम कर विरोध जताया। वहीं कांग्रेस समर्थकों ने उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम चौमाथा में, पश्चिम मेदिनीपुर के पांसकुड़ा, हावड़ा जिले में बाली, मुर्शिदाबाद में बहरमपुर और खड़गपुर में सड़के जाम की, जहां पुलिस उन्हें वाहनों की आवाजाही बाधित ना करने के लिए कहती दिखी। पूर्व रेलवे के सियालदह खंड में जादवपुर और मध्यग्राम और हावड़ा खंड में रिसड़ा और बर्दवान में उन्होंने रेल लाईन भी जाम कर दीं। तृणमूल कांग्रेस ने भी शुरू किया धरना दूसरी तरफ किसानों के समर्थन में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भी मंगलवार को कोलकाता में गांधी मूर्ति के पास तीन दिवसीय धरना शुरू किया। हालांकि तृणमूल ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है लेकिन भारत बंद का समर्थन नहीं किया है। इधर, बंद के कारण जहां निजी वाहन सड़कों से नदारद रहे, वहीं बस, टैक्सी जैसे सार्वजनिक वाहनों का परिचालन सामान्य से कम है। वाम दल और कांग्रेस समर्थकों ने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ नारे भी लगाए। माकपा के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने एससी मलिक रोड के पास 8बी बस स्टैंड से एक रैली की अगुवाई की। उत्तर बंगाल में भाजपा के बंद का व्यापक असर उत्तर बंगाल के कई हिस्से, जहां भाजपा ने अपने एक समर्थक की मिनी सचिवालय उत्तर कन्या अभियान के दौरान सोमवार को हुई कथित हत्या के खिलाफ मंगलवार को 12 घंटे का बंद बुलाया था, वहां भी सन्नाटा पसरा दिखा। कई जगहों पर ट्रेनें व बसों में आगजनी की खबर है जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी वामपंथी दलों और ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक को रोका है। अधिकतर दुकानें भी बंद है। हालांकि बंगाल सरकार ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है लेकिन बंद का समर्थन नहीं किया है। इसके कारण सभी सरकारी कार्यालय आज खुले रहे लेकिन उपस्थिति कम थी। राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों को कार्यालय आने का पहले ही निर्देश जारी किया है। हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश/गंगा-hindusthansamachar.in