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उत्तर-प्रदेश

पुणे महाराष्ट्र से मुक्त कराए गए 14 बाल एवं बंधुआ मजदूर

Raftaar Desk - P2

बांदा, 21 मार्च (हि.स.)। जनपद के 14 बाल एवं बंधुआ मजदूरों को पुणे महाराष्ट्र से असंगठित मजदूर मोर्चा ने मुक्त कराया और मुक्त कराए गए मजदूरों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया गया। यह मजदूर जनपद के बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा नंगलपुरवा के निवासी हैं। जिन्हें मुक्त कराया गया है उनमें ओमप्रकाश पुत्र देवीदीन, राजकुमारी पत्नी ओमप्रकाश व इनके बच्चे शीलू रोशनी, रेशमा, किशन शिवानी शामिल है। इनके अलावा हिम्मत प्रसाद पुत्र चुनूवाद, सीमा पत्नी हिम्मत प्रसाद, चंचल वर्मा पुत्री हिम्मत, अतुल कुमार पुत्र हिम्मत प्रसाद, रामप्रसाद पुत्र देवीदीन, नेहा पुत्री राम प्रसाद, स्वास्थ संध्या पुत्री रामप्रसाद शामिल है यह सभी मजदूर महाराष्ट्र के पुणे जनपद में गणेश भट्टीदेहू रोड बोर्ड के बॉडी में कैद थे। इन मजदूरों से जबरिया बंधक बनाकर बिना मजदूरी दिए काम कराया जा रहा था। असंगठित मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दल सिंगार व उपाध्यक्ष प्रमोद आजाद को जब मजदूरों ने आप बीती बताई तो मजदूर मोर्चा संगठन ने महाराष्ट्र शासन प्रशासन से संपर्क करके मजदूरों को बंधन मुक्त कराया। मजदूरों के सुरक्षा के लिए पुणे जिला प्रशासन ने एसआई सुरेश कांबले, केदारनाथ बिडबे व अजयनाथ सावंत सुरक्षाकर्मियों को बांदा तक भेजा। जिन्होंने असंगठित मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष दल सिंगार, उपाध्यक्ष प्रमोद आजाद की उपस्थिति में मजदूरों को जिला प्रशासन को रिसीव कराया। इस बारे में जानकारी देते हुए असंगठित मजदूर मोर्चा के उपाध्यक्ष प्रमोद आजाद ने बताया कि बंधुआ मजदूर मोर्चा के प्रयास से हमने पहले भी सैकड़ों मजदूरों को बंधन मुक्त कराया है। असंगठित मजदूर मोर्चा इन मजदूरों को आर्थिक मदद शासन-प्रशासन से दिलाकर उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था करायेगा और दोषियों के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लड़ेगा। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल