नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोविड 19 से निपटने के बाद अब मंकीपॉक्स नामक बीमारी विश्व के कई देशों में अपने पैर पसार चुकी है। Mpox नाम का ये वायरस बंदरों में फैले संक्रमण से फैलता है। बीमारी का गंभीरता को देखते हुए WHO ने भी एहतियातन कदम उठाते हुए मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। अफ्रीका से शुरू हुई ये बीमारी विश्व के लगभग 12 देशों में पहुंच गई है।
किन देशों तक फैला मंकीपॉक्स का प्रकोप
कुछ अफ्रीकी देश और स्वीडन से होते हुए यह वायरस पड़ोसी देश पाकिस्तान पहुंच चुका है, UAE से वापस लौटे यात्रियों को मंकीपॉक्स संक्रमित पाया गया है। ऐसे में खतरे को भांपते हुए भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अफ्रीका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होता दिखाई दे रहा है, अफ्रीका में इस साल अबतक 14 हजार से ज्यादा मामले और 524 मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि भारत में नए स्ट्रेन का अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
चिकनपॉक्स वैक्सीन नहीं ली तो हो जाइए सावधान
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों से खबर मिली है कि जो लोग चिकनपॉक्स का टीका ले चुके हैं उन्हें घबराने की जरुरत नहीं है। उन्हें मंकीपॉक्स होने के बेहद कम चांस हैं, हालांकि सावधानी बरतना सभी के लिए जरुरी है, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को।
संक्रमित रोगी के संपर्क में न आएं
यह वायरस संक्रमिक रोगी के संपर्क में आने से फैलता है। किसी भी संक्रमित रोगी से डायरेक्ट संपर्क में आना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। जिस व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द और त्वचा पर दाने दिखें तो उस व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। संक्रमित व्यक्ति के शरीर के अंदर यह वायरस 2 से 4 हफ्तों तक बना रहता है।





