नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका में TikTok के बैन होने का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिका की एक अदालत ने TikTok की पेरेंट कंपनी BytDance की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कंपनी ने उस कानून को रद्द करने की मांग की थी जिसके तहत बाइटडांस को टिकटॉक के US ऑपरेशंस छोड़ने को कहा गया था। अमेरिका के लॉ डिपार्टमेंट ने टिकटॉक पर चीन के प्रभाव को देखते हुए दावा किया था कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
अब अगर TikTok को अमेरिका में अपना काम जारी रखना है तो इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस को US ऑपरेशंस छोड़ना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो अमेरिका में टिक टॉक बैन कर दिया जाएगा। अब इस फैसले के खिलाफ कंपनी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।
अमेरिका में 17 करोड़ लोग चलाते हैं TikTok
अमेरिका में Tik Tok के 17 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। अगर यह ऐप बैन होता है तो टिक टॉक का एक बड़ा यूजर बेस खत्म हो जाएगा। वॉशिंगटन की US कोर्ट ऑफ अपील्स में तीन जजों की बेंच ने टिक टॉक के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें उसने कहा था कि बाइट डांस को टिकटॉक का यूएस ऑपरेशन बेचने पर मजबूर करने वाला कानून असंवैधानिक है और वह अमेरिका 17 करोड़ टिक टॉक यूजर्स के फर्स्ट अमेंडमेंट राइट्स का हनन है। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने यह कानून बाहरी दुश्मन से देश की जनता की प्राइवेसी की रक्षा करने के मकसद से बनाया है। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों का डेटा दुश्मन देशों से बचाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।
ट्रंप के आने से पहले ही बंद हो जाएगा TikTok?
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2020 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने की असफल कोशिश की थी, जिसमें यह प्रावधान था कि टिकटॉक या तो बाइटडांस से अपने संबंध तोड़े नहीं तो जनवरी 2025 तक उस पर बैन लगा दिया जाएगा। लेकिन अब वे इसके विरोध आ गए हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि वह टिकटॉक को बचाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। अब जब ट्रम्प फिर से सत्ता मेंआने वाले हैं, तो ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वे टिकटॉक को बचा पाएंगे ?





