नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टीवी अभिनेता गौरव खन्ना ने बिग बॉस 19 की ट्रॉफी जीतने के बाद अपने ऊपर लगे ‘फर्जी’, ‘फिक्स्ड विनर’ और ‘सिर्फ ऑब्जर्वर’ जैसे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में गौरव ने जोर देकर कहा कि उनकी जीत किसी रणनीति या फिक्सिंग का नतीजा नहीं, बल्कि घर में उनके वास्तविक बने रहने का परिणाम है।
‘फिक्स्ड विनर’ के आरोपों को बताया सिर्फ शोर
सलमान खान द्वारा होस्ट किए गए इस शो में अपनी जीत के तुरंत बाद एक चर्चित मीडिया से खास बातचीत में गौरव खन्ना ने खुद पर लगे सभी लेबलों का जवाब दिया।
गौरव ने कहा, सबसे पहले, ये उनके आरोप हैं हमें इन पर ध्यान भी नहीं देना चाहिए। आज के सोशल मीडिया के दौर में हर कोई कीबोर्ड वॉरियर है। मुझे नहीं लगता कि मुझे उन्हें जवाब देने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि अगर 10 में से 8 लोग उन्हें पसंद करते हैं, और केवल दो नहीं करते, तो वह उन दो पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि उन्हें किसी भी टैग की परवाह नहीं है, क्योंकि उन्होंने जिस तरह से खेलना चाहा, उसी तरह से खेला और उसी तरह से जीता।
‘फर्जी’ के टैग पर गौरव की सफाई
फर्जी होने के टैग पर प्रतिक्रिया देते हुए, गौरव खन्ना ने बताया कि वह घर के अन्य सदस्यों की तुलना में कहीं अधिक असली थे।
उन्होंने कहा, अगर मैं फर्जी होता, तो सुबह उठकर डिज़ाइनर कपड़ों में तैयार होता, मेकअप करता। मैं प्लान बनाकर खेलता, प्लेटें तोड़ता, साड़ी और गहने पहनता। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। मैं चप्पलों में वर्कआउट करता था। मैंने हाथों से चावल खाए, और यहाँ तक कि आटा भी गूंथा।
गौरव के लिए, यह सब कोई रणनीति नहीं थी, बल्कि उनकी आदत थी। उन्होंने स्पष्ट किया, मैं सुबह अलार्म बजने से पहले उठ जाता था और गिलास में ग्रीन टी पीता था। यह मेरा तय पैटर्न था, और मैं अपनी असल ज़िंदगी भी ऐसे ही जीता हूँ।
दिल से जुड़ने की बात
फिक्सिंग के आरोपों पर गौरव ने आर्थिक पहलू को भी जोड़ा। उन्होंने कहा, मेरे पास इतना पैसा नहीं है कि मैं ऐसा कुछ करने के बारे में सोच भी सकूँ। मैं सच में मानता हूँ कि अगर आप वास्तविक हैं, तो आप लोगों के दिलों से जुड़ेंगे।गौरव ने कहा कि अगर किसी एक माँ, भाई, बच्चे या किसी बुजुर्ग व्यक्ति ने उन्हें पसंद किया, तो उन्होंने उनका दिल छू लिया, और इसीलिए उन्होंने वोट किया।
बिग बॉस एक मैराथन है
अपनी यात्रा पर बात करते हुए, गौरव ने बिग बॉस को मैराथन बताया। उन्होंने कहा कि जब भी मैं किसी शो में होता हूँ, मैं अपना 100 प्रतिशत देना चाहता हूँ। यह कहना अपमान होगा कि मैं जीतने नहीं आया था। बेशक, मैं जीतना चाहता था। लेकिन मैं हर दिन को उसी दिन की तरह ले रहा था। मेरा मानना है कि धीमी और स्थिर गति से चलने वाला ही दौड़ जीतता है। उन्होंने कहा कि बिग बॉस में 100 मीटर की दौड़ की तरह पहले दिन से कूदना नहीं होता, न ही गाली-गलौज करनी होती है; आपको अपनी गति से आगे बढ़ना होता है और अपने तरीके से खेलना होता है।





