back to top
28.1 C
New Delhi
Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

BJP की नई रणनीति! एकनाथ शिंदे को चुनौती देंगे गणेश नायक, जानिए क्‍यों कहा जाता है राजनीति का चाणक्‍य

1990 में गणेश नाइक ने बेलापुर से पहली बड़ी चुनावी जीत दर्ज की। पांच साल बाद वे मनोहर जोशी की सरकार में मंत्री बने, लेकिन इस दौरान भी उनका मनोहर जोशी और ठाकरे से राजनीतिक टकराव जारी रहा।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में तनाव की खबरें सामने आई हैं। भाजपा ने हाल ही में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में चुनाव प्रभारी नियुक्त किया, जिसे महायुति में असंतोष का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे गठबंधन के भीतर मतभेद और बढ़ सकते हैं।

दरअसल, महाराष्ट्र में महायुति के भीतर तनाव बढ़ता दिख रहा है। भाजपा ने वन मंत्री गणेश नाइक को सात जिलों, जिसमें ठाणे भी शामिल है, का प्रभारी नियुक्त किया। नाइक को उपमुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है, जिससे गठबंधन में असंतोष और विवाद की आशंका बढ़ गई है।

कौन हैं गणेश नाइक?

रिपोर्ट के अनुसार, गणेश नाइक को बड़े नेताओं को चुनौती देने और कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में टिके रहने वाला नेता माना जाता है। वे अविभाजित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे से अलग होने के बाद भी ठाणे में सक्रिय रहे। इस क्षेत्र में शिंदे के गुरु आनंद दीघे का खासा प्रभाव रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, गणेश नाइक का मजबूत जनाधार युवाओं और मजदूरों में है। उनके समर्थन से वाशी, नेरुल, एरोली, तुर्भे, घंसोली और TTC बेल्ट में शिवसेना का नेतृत्व मजबूत हुआ। 1980 के दशक में नाइक नवी मुंबई में बड़े नेता बन चुके थे। पार्टी विस्तार के दौरान नाइक का क्षेत्र दीघे से अधिक बढ़ा, जिससे ठाकरे को हस्तक्षेप करना पड़ा।

सरकार-बाल ठाकरे दोनों से नाराज 

1990 के विधानसभा चुनाव में गणेश नाइक ने बेलापुर से पहली बड़ी जीत हासिल की। पांच साल बाद वे मनोहर जोशी की सरकार में मंत्री बने, लेकिन जोशी और ठाकरे से उनके टकराव जारी रहा। रिपोर्ट के अनुसार, नाइक ने इस्तीफा देने से मना किया, जिसके बाद जोशी ने उन्हें सरकार से बाहर कर दिया।

अविभाजित NCP से गठबंधन 

1990 में नाइक ने अविभाजित NCP से गठबंधन किया, लेकिन विधानसभा चुनाव हार गए। 2004 में उन्हें सफलता मिली और वे एक्साइज मंत्री बने। 2014 में भाजपा के उम्मीदवार मंदा म्हात्रे से हार का सामना करना पड़ा। 2019 में नाइक ने भाजपा के साथ गठबंधन किया और एरोली सीट जीत ली।

बीजेपी क्‍यों दे रही है इतनी तवज्जो

रिपोर्ट के अनुसार, गणेश नाइक की टीटीसी क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति और मजदूर व ठेकेदारों से संपर्क उन्हें जल्दी समर्थन जुटाने में सक्षम बनाता है। बड़े नेताओं से टक्कर लेने की उनकी क्षमता उन्हें शिंदे के गढ़ में चुनौती देने वाले चुनिंदा नेताओं में शामिल करती है। भाजपा के लिए नाइक नवी मुंबई और ठाणे के कमजोर इलाकों में असरदार साबित हो रहे हैं।

महायुति गठबंधन में टकराव की स्थिति 

अक्टूबर में महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन में भाजपा ने ठाणे और नवी मुंबई नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का संकेत दिया है, ताकि अपने महापौर बनाए जा सकें। इस कदम के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी ठाणे में अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है, जहां उनका प्रभाव काफी मजबूत है।

Advertisementspot_img

Also Read:

नेहरू-गांधी परिवार पर लगाए कॉम्प्रोमाइज के आरोप, कांग्रेस पर गरजे नितिन नबीन; कहा-‘एक समय था जब…’

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...

Skin Care Tips: ऑयली और डल स्किन से छुटकारा, समर में ऐसे रखें चेहरा फ्रेश और जवान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे ही तापमान चढ़ता है, त्वचा...

Vastu Tips: घर में शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु उपाय, बनने लगेंगे सारे काम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि अथवा...

Iran-Israel War का भारत पर क्या होगा असर, कैसे कच्चे तेल की कीमतों को करेगा प्रभावित?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को...