नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर भले ही सामने नहीं आया हो, लेकिन किरदारों की पहली झलक ने ही देशभर में बहस छेड़ दी है। अब इस बहस में ‘शक्तिमान’ यानी मुकेश खन्ना की एंट्री हो चुकी है। उन्होंने रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में कास्ट करने पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आइए जानते है क्या कहा है।
राम योद्धा नहीं, त्याग की प्रतिमूर्ति हैं
ग़लाटा इंडिया से बातचीत में मुकेश खन्ना ने साफ कहा कि भगवान राम को जिस तरह फिल्म में दिखाया जा रहा है – पेड़ों पर चढ़कर तीर चलाते हुए – वह उनके आदर्श स्वरूप के खिलाफ है।राम अगर स्वयं को योद्धा मानते, तो उन्हें वानरों से मदद मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ती, उनका मानना है कि राम का चरित्र त्याग, मर्यादा और संयम का प्रतीक है, ना कि एक एक्शन हीरो का।
रणबीर कपूर – ‘एनिमल’ से ‘राम’ बनने का सफर आसान नहीं?
मुकेश खन्ना ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए उन्हें एक काबिल कलाकार बताया, लेकिन साथ ही कहा कि उनके साथ एक छवि जुड़ी हुई है – ‘एनिमल’ की।लोग उन्हें राम के रूप में स्वीकार कर पाएंगे या नहीं, ये सवाल बड़ा है, उनका तर्क है कि भगवान राम जैसे किरदार के लिए कलाकार की छवि भी उतनी ही पवित्र होनी चाहिए जितना कि उसका अभिनय।
‘रामायण’ दो हिस्सों में! लेकिन चलेगी कैसे?
नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी मुकेश खन्ना ने संदेह जताया है जिसपर उन्होंने कहा, दो पार्ट में फिल्म बनाना समझ में आता है, लेकिन क्या आज की पीढ़ी इसे उसी श्रद्धा से देखेगी? क्या ये बॉक्स ऑफिस पर बेंचमार्क सेट कर पाएगी? ये सोचने की बात है।”
कौन-कौन हैं इस ‘रामायण’ में?
राम: रणबीर कपूर
सीता: साईं पल्लवी
रावण: यशऔर भी कई दमदार कलाकार इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।फिल्म का पहला भाग साल 2026 में रिलीज होगा।
क्या कहती है जनता?
अब सवाल ये है कि क्या दर्शक एनिमल वाले रणबीर को मर्यादा पुरुषोत्तम राम के रूप में स्वीकार कर पाएंगे, क्या स्क्रीन पर भगवान राम को एक योद्धा की तरह दिखाना धार्मिक भावना को ठेस पहुंचा सकता है। मुकेश खन्ना ने सवाल जरूर उठाए हैं, लेकिन जवाब आने वाला वक्त और दर्शक ही देंगे।





