नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । एक्टर सिद्धार्थ निगम ने टीवी से लेकर फिल्मों तक में एक अहम रोल में काम किया है। उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्मों में भी वह नजर आए, जिसमें ‘धूम 3’ और ‘किसी का भाई किसी की जान’ शामिल है। लेकिन बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ निगम ने फिल्म ‘आजाद’ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।
फिल्म आजाद को लेकर बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ निगम ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि, मुझे फिल्म ‘आजाद’ में मुख्य भूमिका मिलने वाली थी, जिसके लिए वे मीटिंग में भी शामिल हुए थे। उन्हें फिल्म की स्क्रिप्ट भी दी गई थी। हालांकि, बाद में अजय देवगन के भांजे अमन देवगन को उस रोल के लिए चुना गया।
बॉलीवुड में कायम है भाई-भतीजावाद
बॉलीवुड के भाई-भतीजावाद की पंरपरा काफी पुरानी रही है। इसकी वास्तविकता से हर कोई वाकिफ है। अभिनेता सिद्धार्थ निगम ने अपने जीवन में छूटे हुए अवसरों को बॉलीवुड में अपनी मजबूत पकड़ की कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हाल ही में, एक मीडिया से बात करते हुए सिद्धार्थ निगम कहते है कि, उन्होने फिल्म आजाद में एक बड़ी भूमिका खा दी है। जो अजय देवगन के भतीजे अमन इस फिल्म से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत कर रहे हैं।
फिल्म खोने से निगम काफी निराश थे। उन्होने कहा कि “कभी-कभी, प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती है! काश मेरा भी कोई गॉडफ़ादर होता। मैं निराश था, दिल टूट गया, लेकिन फिर मैंने खुद को समझा लिया कि यह काफी आम बात है।”
प्रोजेक्ट हाथ से फिसले पर काफी दुखी थे निमग
निगम ने कहा कि, उस समय मैं काफी निराश और हताश था। जब खास तौर पर तब जब उन्हें एक स्टार किड के लिए एक प्रमुख भूमिका खोनी पड़ी। उन्होने कहा कि “इंडस्ट्री में 10 साल काम करने के बाद भी जब आप जिस चीज़ के लिए दौड़ रहे है, ओर वह आपके नियंत्रण से बाहर की किसी चीज़ की वजह से हाथ से निकल जाती है, तो यह बहुत बुरा लगता है।” उस वक्त मैं उस प्रोजेक्ट के लिए तैयार था, बातचीत चली ही रही थी, और फिर अचानक यह प्रोजेक्ट अजय देवगन के भतीजे, अमन के पास चला गया। इस दौरान मुझे कोई स्पष्ट तरीके से नहीं बताया गया।
मेरे पास सबकुछ होने के बाद भी मुझे रोल नहीं मिला
उन्होंने आगे कहा, “जब आप समर्थन की कमी या इंडस्ट्री में अंतिम धक्का के कारण प्रोजेक्ट खो देते हैं तो यह हतोत्साहित करने वाला वक्त होता है। इसका मुझे बहुत दुख हुआ, खासकर मेरी माँ को और भी ज्यादा दुख पहुंचा। क्योंकि वह मेरे साथ मीटिंक्स में जाती थीं और उन्होंने मुझे इन सभी वर्षों में कड़ी मेहनत करते देखा था। उन्होने आगे कहा कि मेरे पास स्क्रिन पर मौजूदगी, टेलेंड और अनुशासन है। लेकिन फिर भी, मैंने मुख्य भूमिका से वंचित रह गया। इसलिए नहीं कि मैं काफी अच्छा नहीं था, बल्कि इसलिए कि मुझे सही समर्थन ओर साथ नहीं मिला।
हमेशा खुद का सपोर्ट सिस्टम बनाना पड़ता
हालांकि, निगम ने ये भी साफ किया कि, उनके मन में किसी के प्रति कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन उनके इस अनुभव ने इंडस्ट्री में एक “जरुरत” को भी उजागर किया है। उन्होने एक बार फिर कहा कि, मेरा कोई गॉडफ़ादर नहीं है, लेकिन कभी-कभी मेरे मन में सवाल आता है कि काश कोई मेरा भी गॉडफ़ादर होता। बस कोई ऐसा व्यक्ति जो मेरे कंधे पर हाथ रखकर कहे, ‘चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूँ।’ लेकिन मुझे हमेशा अपना खुद का सपोर्ट सिस्टम बनना पड़ा है।





