नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारत और ऑस्ट्रेलिया की पांच मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर है। सीरीज में दोनों टीमों ने एक-एक जीत दर्ज की है और अब चौथा मुकाबला सीरीज की बाज़ी पलटने या बराबरी कायम रखने की कुंजी बन गया है।
चौथा मुकाबला आज यानी 6 नवंबर को क्वींसलैंड के कैरारा ओवल में खेला जाएगा। दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश में मैदान में उतरेंगी, और इस मैच में जोरदार, कांटे की टक्कर देखने की पूरी संभावना है।
कैसी है कैरारा ओवल की पिच?
क्वींसलैंड का कैरारा ओवल ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख और बेहतरीन क्रिकेट मैदानों में गिना जाता है। यहां की पिच बैटिंग के लिए अनुकूल मानी जाती है, जिससे बल्लेबाजों को बड़े स्कोर बनाने के अच्छे मौके मिलते हैं और मुकाबला रोमांचक बनता है।
कैरारा ओवल की पिच पर पेस और बाउंस दोनों मौजूद रहते हैं, जिससे गेंद बल्ले पर आसानी से आती है। यही वजह है कि यह मैदान हाई स्कोरिंग और रोमांचक मुकाबलों के लिए दर्शकों की पहली पसंद बनता है।
स्कोरिंग रफ्तार बढ़ने की संभावना
कैरारा ओवल में तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में नई गेंद से फायदा उठा सकते हैं। हवा में स्विंग और विकेट पर बाउंस का इस्तेमाल करके वे बल्लेबाजों को दबाव में रख सकते हैं। हालांकि, जैसे-जैसे पिच सूखती है, बल्लेबाजों का हावी होना आसान हो जाता है और स्कोरिंग रफ्तार बढ़ सकती है।
वहीं, स्पिन गेंदबाजों के लिए कैरारा ओवल की पिच ज्यादा मददगार नहीं है। उन्हें सफलता के लिए सटीक लाइन-लेन्थ और गेंदबाजी में विविधता अपनाने पर अधिक भरोसा करना होगा।
आंकड़ों पर डाले नजर, क्या कहते हैं?
कैरारा ओवल में अब तक 9 टी20 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से पहली पारी खेलने वाली टीम ने 4 मैच जीते हैं, वहीं पीछा करने वाली टीम ने भी 4 बार जीत दर्ज की है। इसका मतलब है कि टॉस जीतने वाली टीम के लिए बल्लेबाजी या गेंदबाजी का विकल्प निर्णायक नहीं माना जा सकता।
कैरारा ओवल में टी20 मुकाबलों का औसत पहला स्कोर 123 रन रहा है, जबकि दूसरी पारी में टीमों ने औसतन 109 रन ही बनाए हैं। इस मैदान पर सर्वाधिक स्कोर 149/5 का है, जो ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने पाकिस्तान महिला टीम के खिलाफ बनाया था, जो यहां हाई-स्कोरिंग रोमांच का सबूत है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कैरारा ओवल पर बल्लेबाजी आसान नहीं है। हालांकि, जो बल्लेबाज क्रीज पर टिककर खेलता है, उसके पास बड़ी पारी खेलने और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाने का अच्छा मौका रहता है।
भारत की संभावित प्लेइंग 11
शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती।
ऑस्ट्रेलिया की संभावित प्लेइंग 11
मिचेल मार्श (कप्तान), मैथ्यू शॉट, ग्लेन मैक्सवेल, टिम डेविड, जोश इंग्लिस.मिचेल ओवन, मार्कस स्टोयनिस, बेन ड्वार्शियस, तनवीर सांघा, नेथन एलिस, जेवियर बार्टलेट।
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