नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । इंडिगो की लगातार लेट और कैंसिल हो रही फ्लाइट्स ने देशभर के यात्रियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर लोग लंबे समय तक फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, जबकि काम पर जाने वाले लोग भी भारी तनाव में हैं। ऐसे हालात में एयरलाइन की ओर से स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण कई यात्री घबराहट में इधर-उधर मदद ढूँढते नजर आते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि इस तरह की अव्यवस्था में भी यात्री कानूनन कई अधिकार रखते हैं, जिनका इस्तेमाल कर वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।
फ्लाइट लेट हो तो क्या मिलता है?
फ्लाइट लेट होने की स्थिति में यात्रियों के पास सबसे पहला और पक्का अधिकार है फ्री खाना और पानी। DGCA के नियम साफ कहते हैं कि यदि यात्री ने समय पर चेक-इन किया है तो एयरलाइन को देरी के आधार पर सुविधाएं देनी ही होंगी। ये हैं सुविधाएं –
– 2 घंटे से अधिक देरी (शॉर्ट रूट्स) – एयरलाइन मुफ्त खाना-पीना देगी।
– 3 घंटे से अधिक देरी (मीडियम रूट्स) – यात्रियों को मुफ्त भोजन और ड्रिंक्स दिए जाएंगे।
– 4 घंटे से अधिक देरी (लॉन्ग रूट्स) – एयरलाइन को फ्री मील प्रदान करना अनिवार्य है।
– 6 घंटे से अधिक देरी – एयरलाइन या तो यात्री को नई फ्लाइट में एडजस्ट करेगी या फिर पूरा किराया वापस करने का विकल्प देगी।
यदि देरी इतनी बढ़ जाए कि रातभर रुकना पड़े, तो होटल का इंतजाम भी यात्री का अधिकार है। लेकिन यह सुविधा तभी मिलती है जब देरी एयरलाइन की गलती से हो। जैसे क्रू की कमी, पायलट उपलब्ध न होना या तकनीकी खराबी। हालांकि, मौसम, प्राकृतिक आपदा या सुरक्षा कारणों से देरी होने पर एयरलाइन होटल उपलब्ध कराने से बच सकती है। ऐसे मामलों में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरलाइन से लिखित में कारण अवश्य मांगें, ताकि आगे किसी तरह की समस्या न हो।
फ्लाइट कैंसिल हो जाए तो कितनी रकम मिलती है?
फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों के पास सिर्फ रिफंड लेने का ही विकल्प नहीं होता, बल्कि DGCA के नियमों के अनुसार मुआवजा पाने का भी पूरा हक है। अगर एयरलाइन आपको यात्रा से कम से कम 14 दिन पहले फ्लाइट रद्द होने की सूचना नहीं देती, तो मुआवजा तय होता है आपकी उड़ान के समय के आधार पर 1 घंटे तक की फ्लाइट पर ₹5,000 तक का मुआवजा, 1 से 2 घंटे की फ्लाइट पर ₹7,500 तक का मुआवजा, 2 घंटे से लंबी फ्लाइट पर ₹10,000 तक का मुआवजा मिल सकता है। इसके अलावा यात्री चाहें तो पूरा रिफंड लेकर दूसरी एयरलाइन की टिकट बुक कर सकते हैं। रिफंड मिलने की प्रक्रिया भी नियमबद्ध है। कैश या बैंक अकाउंट में तुरंत, क्रेडिट कार्ड पर 7 दिनों के भीतर और ट्रैवल एजेंट के जरिए बुकिंग होने पर एजेंट से क्लेम करना आवश्यक है।
सामान खो जाए या टूट जाए तो क्या मिलेगा मुआवजा?
यात्रा के दौरान सामान खो जाना या क्षतिग्रस्त हो जाना आम समस्या है, लेकिन DGCA के नियम इसके लिए यात्रियों को मुआवजा पाने का पूरा अधिकार देते हैं। घरेलू उड़ानों में यदि आपका लगेज गायब हो जाए या टूट-फूट के साथ मिले, तो आप अधिकतम 20,000 रुपये तक का क्लेम कर सकते हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में यह मुआवजा बढ़कर लगभग 1.2 लाख रुपये तक हो जाता है। अगर एयरलाइन आपकी शिकायत को अनदेखा करे या मुआवजा देने में टालमटोल दिखाए, तो यात्री सीधे AirSewa पोर्टल (airsewa.gov.in) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, DGCA के नोडल ऑफिसर से संपर्क करके भी अपनी समस्या को आगे बढ़ाया जा सकता है।





