नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इरफान खान भारतीय सिनेमा के चमकते सितारे थे, जिनकी प्रतिभा आने वाले दशकों तक याद रखी जाएगी। फिल्मों में जाने से पहले इरफान ने टीवी की दुनिया में तहलका मचाया और दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी दमदार आवाज और अभिनय के दम पर हर रोल जीवंत बन जाता था। आज इरफान खान अपना जन्मदिन माना रहे हैं हैं तो चलिए इस खास दिन पर उनसे जुड़ी कुछ बातें जानते हैं।
बचपन और परिवार
7 जनवरी 1967 को जयपुर के मुस्लिम पठानी परिवार में जन्मे इरफान खान का असली नाम साहबजादे इरफान अली खान था। बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा वाले इरफान का सपना क्रिकेटर बनने का था। लेकिन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से स्कॉलरशिप मिलने के बाद उनका अभिनय का कीड़ा जाग गया।
मुंबई में संघर्ष और पहला कदम
मुंबई आने के बाद इरफान खान ने एसी रिपेयर का काम किया। कहा जाता है कि सबसे पहला घर, जहां उन्होंने एसी ठीक किया, वह सुपरस्टार राजेश खन्ना का घर था। इसी संघर्ष के दौर में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा।
टीवी की दुनिया में धमाकेदार एंट्री
इरफान ने टीवी शो ‘श्रीकांत’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘भारत एक खोज’, ‘कहकशां’, ‘सारा जहां हमारा’, ‘बनेगी अपनी बात’, ‘चाणक्य’, ‘अंगूरी’, ‘स्पर्श’ और ‘चंद्रकांता’ जैसे हिट सीरियलों में काम किया।
‘चंद्रकांता’ में इरफान ने शिवदत्त का विश्वसनीय पात्र बद्रीनाथ और उसके जुड़वां भाई सोमनाथ का किरदार निभाया। इस शो ने उनके करियर की दिशा बदल दी और बड़े ऑफर मिलने लगे। उन्होंने दूरदर्शन पर ‘लाल घास पर नीले घोड़े’ में लेनिन और टीवी सीरीज ‘डर’ में साइको किलर का किरदार निभाया। इस दौरान मीरा नायर ने उन्हें फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ (1988) में काम दिया, जिससे बॉलीवुड के दरवाजे खुल गए।
करियर का मोड़
इरफान खान ने एक वक्त पर एक्टिंग छोड़ने का फैसला भी किया था। टीवी शोज हिट हो रहे थे, लेकिन फिल्मों में सफलता नहीं मिल रही थी। 2001 में आसिफ कपाड़िया की फिल्म ‘द वॉरियर’ ने उनकी सोच बदल दी और उनका करियर नई ऊंचाईयों तक पहुंचा। इरफान खान न केवल टीवी और सिनेमा में बल्कि दर्शकों के दिलों में भी अपनी अलग पहचान छोड़ गए। उनके योगदान को भारतीय मनोरंजन जगत हमेशा याद रखेगा।





