back to top
27.4 C
New Delhi
Sunday, April 5, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बांग्लादेश: 72 घंटे के बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं करने की बात कहने वाले जज सस्पेंड

ढाका, 15 नवंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक न्यायाधीश को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है, जिन्होंने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि अगर अपराध के 72 घंटे बीत चुके हैं तो दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। मोसममत कमरुन्नाहर 2017 में ढाका के बनानी के रेंट्री होटल में हुए मामले में पीठासीन न्यायाधीश थे। इस मामले में 5 लोगों पर 28 मार्च, 2017 को एक जन्मदिन की पार्टी में बंदूक की नोक पर एक निजी विश्वविद्यालय के दो छात्रों के साथ कथित रूप से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। 11 नवंबर को सुनवाई के दौरान जज कमरुन्नाहर ने अपान ज्वैलर्स के सह मालिक के बेटे शफात अहमद समेत 5 आरोपियों को बरी कर दिया। अपनी टिप्पणियों में, उन्होंने कहा, जांच अधिकारी ने मामले में एक पक्षपाती आरोप पत्र प्रस्तुत किया। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उल्लंघन के कोई संकेत नहीं मिले। पीड़िता के कपड़ों पर पाया गया डीएनए संदिग्धों से मेल नहीं खाता। पीड़िता घटना के 38 दिन बाद पुलिस के पास आई और कहा कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। जांच अधिकारी को मामले पर उचित विचार करना चाहिए था। इसके बजाय, अधिकारी ने जनता का समय बर्बाद किया। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि अगर घटना के 72 घंटे बीत चुके हैं तो दुष्कर्म का कोई मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। उसने यह भी कहा कि यह साबित हो गया है कि घटना से पहले विश्वविद्यालय के छात्रों ने सहमति से यौन संबंध बनाए थे। रविवार को जज के खिलाफ अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कोर्ट में नहीं बिठाने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता और विशेष अधिकारी मोहम्मद सैफुर रहमान के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश सैयद महमूद हुसैन ने अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों से सलाह मशविरा करने के बाद यह फैसला किया। रहमान ने कहा कि शीर्ष अदालत ने रविवार सुबह कानून मंत्रालय को न्यायिक शक्तियों को अस्थायी रूप से रद्द करने और उसे (कमरुन्नाहर) को उसके वर्तमान कार्यस्थल से वापस लेने और उसे कानून और न्याय विभाग के मंत्रालय को सौंपने के लिए एक पत्र भेजा। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कानून मंत्री अनीसुल हक ने कहा कि दुष्कर्म के 72 घंटे बाद पुलिस को मामला दर्ज नहीं करने के लिए कहने वाली उनकी टिप्पणी पूरी तरह से अवैध और असंवैधानिक है। –आईएएनएस एसएस/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

उत्तम नगर हत्याकांड के नाम पर फर्जीवाड़ा बेनकाब, 2 दिन में ठग लिए लाखों रुपये

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में 4 मार्च को होली के दिन उत्तम नगर दो परिवारों के बीच विवाद देखने को मिला था जिसमें...
spot_img

Latest Stories

RCB vs CSK Live Streaming: कब, कहां और कैसे देखें हाई-वोल्टेज मुकाबला, यहां जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के दिन के डबल हेडर...

SRH vs LSG: हेड-टू-हेड में किसका दबदबा? आंकड़े देखकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में...

Company Secretary क्या होता है? जानें कैसे बनाएं इस फील्ड में करियर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यह बात स्वभाविक है कि आज...

Kolkata Port सीट पर कड़ा मुकाबला: TMC, BJP, कांग्रेस और वाम के बीच चौतरफा लड़ाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता...

रविवार का व्रत क्यों होता हैं खास, जानिए महत्त्व और व्रत विधि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रविवार का दिन सूर्य देव...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵