back to top
34.1 C
New Delhi
Thursday, April 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

MP में बच्चों की मौत के बाद पंजाब सरकार ने उठाया बड़ा कदम, राज्‍य में Coldrif सिरप पर लगाया प्रतिबंध

एमपी में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला गहरा गया है। इस बीच, पंजाब सरकार ने Coldrif कफ सिरप के विक्रय, उपयोग और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । मध्य प्रदेश में कुछ बच्चों की मौत के मामले में सामने आए कफ सिरप को लेकर अब पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने Coldrif कफ सिरप पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, मध्य प्रदेश की ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री में इस सिरप में डाई इथीलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक विषैला रसायन पाया गया है, जिसे बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। DEG एक जहरीला केमिकल है, जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। पंजाब सरकार ने सिरप को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ करार देते हुए इसकी बिक्री, उपयोग और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह कदम एहतियातन उठाया गया है ताकि राज्य में ऐसी कोई घटना न हो।

जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले को लेकर कई राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर वकील विशाल तिवारी ने शीर्ष अदालत में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की गहन जांच किसी राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या फिर CBI के जरिए कराई जाए। साथ ही, एक विशेषज्ञों की समिति गठित कर बच्चों की मौतों के पीछे की वास्तविक वजहों को सामने लाने की अपील की गई है।

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए और जांच को एक राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीकृत किया जाए। याचिका में यह भी मांग की गई है कि डाई इथीलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे विषैले रसायनों की बिक्री और निगरानी के लिए कड़े नियम बनाए जाएं। 

इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में दर्ज FIR को एक जगह ट्रांसफर कर एकीकृत जांच कराने, दोषी दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने और उनकी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की गई है। साथ ही बाजार में पहले से मौजूद जहरीले उत्पादों को तुरंत वापस मंगाने और देश में एक ठोस ड्रग रिकॉल पॉलिसी लागू करने की मांग भी इस याचिका में शामिल है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह मामला केवल कुछ कंपनियों की लापरवाही नहीं, बल्कि देश की ड्रग रेगुलेटरी व्यवस्था की गंभीर विफलता है। इस खामी की वजह से कई राज्यों में मासूम बच्चों की जान गई है, जो बेहद चिंताजनक है।

Advertisementspot_img

Also Read:

CM मोहन यादव की माफी के बाद भी नहीं थमा सियासी ताप! कैलाश विजयवर्गीय बोले- ‘गलत बात पर गुस्सा लाजिमी’

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को उस वक्त गरमा गया, जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी...
spot_img

Latest Stories

Shibpur Seat पर TMC का रहा है दबदबा, 2026 चुनाव में क्या बरकरार रहेगा गढ़?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शिबपुर...

April 2026 Car Launches: कार लवर्स के लिए खुशखबरी, इस महीने लॉन्च होंगी कई दमदार गाड़ियां

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अप्रैल 2026 ऑटोमोबाइल बाजार के लिए...

आज Hanuman Jayanti पर देखें ये फिल्में इसमें दिखाया गया भगवान का चमत्कार, एक बार जरूर देखें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज देशभर में हनुमान जयंती...

Stock Market Today: शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1400 अंक से ज्यादा टूटा, Nifty भी लाल निशान में

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को भारतीय...

CM पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार की सुरक्षा होगी डबल, SSG के साथ मिलेगा Z+ कवर; जानिए और क्या-क्या होंगे बदलाव

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵